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Bhayyu Maharaj case : 3 आरोपियों की सजा बढ़वाने भय्यू महाराज की पत्नी हाईकोर्ट पहुंची

विनायक, पलक और शरद की जमानत पर इसी माह हाईकोर्ट में सुनवाई

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Indore : भय्यू महाराज के आत्महत्या मामले में कोर्ट ने पलक पुराणिक, विनायक दुधाड़े और शरद देशमुख को सेशन कोर्ट ने 6-6 साल की सजा दी थी। इस सजा को कम मानते हुए भय्यू महाराज की पत्नी डॉ आयुषी देशमुख ने हाईकोर्ट में अपील की। उनकी याचिका पर संबंधितों को नोटिस जारी किए गए।

डॉ आयुषी देशमुख ने हाईकोर्ट में रिवीजन लगाकर 28 जनवरी को सेशन कोर्ट के जज धर्मेंद्र सोनी के फैसले को चुनौती दी है। उन्होंने अपनी अपील में आरोपियों की सजा बढ़ाने की मांग की। कोर्ट ने भय्यू महाराज को आत्महत्या के लिए उकसाने, साजिश रचने के अपराध में में पलक पुराणिक, विनायक दुधाड़े व शरद देशमुख को छह-छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

आयुषी का कहना है कि जिस धारा में सजा सुनाई गई है, उसमें 10 साल तक की सजा दी जा सकती थी। ऐसे में 6 साल की सजा बहुत कम है। इसलिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दी जाए। इस पर हाईकोर्ट ने तीनों आरोपियों और तेजाजी नगर पुलिस को नोटिस जारी किए। बताते हैं की हाईकोर्ट के नोरिसों को स्वीकार भी कर लिया गया।

हाईकोर्ट अब 23 मार्च को इस मामले पर अगली सुनवाई करेगी। जेल में बंद तीनों सजायाफ्ता ने भी हाईकोर्ट में अर्जियां दाखिल कर अपील की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें जमानत पर छोड़े जाने की मांग की है। लेकिन, इस पर अभी सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। अगली तारीख पर सरकार को भी इस संबंध में जवाब देने को कहा गया है।

इंदौर सेशन कोर्ट ने मामले के तीन आरोपियों को 28 फ़रवरी को सजा सुनाई थी। कोर्ट ने मुख्य सेवादार विनायक, ड्राइवर शरद और केयरटेकर पलक को दोषी ठहराया था और सभी को 6-6 साल की जेल दी थी। कोर्ट के आदेश में बताया गया था कि सेवादारों ने भय्यू महाराज को इतना प्रताड़ित किया कि उन्होंने आत्महत्या कर ली।

साढ़े तीन साल सुनवाई चली

लम्बी सुनवाई के बाद सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला। इस दौरान 32 गवाहों को सुना गया, 150 पेशी की गईं। कोर्ट ने अपराध को प्रमाणित पाया था। सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र सोनी ने महाराज के सेवादार रहे शरद देशमुख, विनायक दुधाले और पलक पुराणिक को महाराज को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में सजा सुनाई। कोर्ट ने माना कि आरोपित महाराज को पैसों के लिए प्रताड़ित करते थे। पैसों के लिए उन्हें ब्लैकमेल भी किया जाता था।

भय्यू महाराज ने 12 जून 2018 को अपनी कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। जो सेवादार भय्यू महाराज के लिए परिवार से बढ़कर थे, जिन पर उन्हें इतना विश्वास था कि उनके भरोसे उन्होंने अपने आश्रम और कामकाज सौंप रखे थे, उन्हीं सेवादारों ने उन्हें पैसों के लिए इतना प्रताड़ित किया कि मजबूरी में उन्हें आत्महत्या जैसे कदम उठाना पड़ा।