Big political news: सुनेत्रा अजीत पवार ने महाराष्ट्र का Deputy CM बनने का प्रस्ताव स्वीकार किया

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Big political news: सुनेत्रा अजीत पवार ने महाराष्ट्र का Deputy CM बनने का प्रस्ताव स्वीकार किया

Mumbai: सुनेत्रा अजीत पवार महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने जा रही हैं। महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल की नई लहर दौड़ गई है क्योंकि सुनेत्रा पवार ने राज्य की डिप्टी मुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। उनके शपथ ग्रहण का कार्यक्रम 31 जनवरी 2026 की शाम 5 बजे मुंबई के राजभवन में आयोजित होने की संभावना है, जहां वे राज्य सरकार के शीर्ष कार्यकारी नेतृत्व में प्रवेश करेंगी। सुनेत्रा पवार के साथ प्रमुख राजनीतिक बदलाव में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहेंगे और इस बदलाव के साथ राज्य के सत्ता समीकरण में उल्लेखनीय परिवर्तन होने की उम्मीद है।

● शपथ ग्रहण और जिम्मेदारियां

सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगी और वे एक्साइज तथा खेल मंत्री के रूप में कार्यभार भी बनाये रखेंगी। इसके साथ ही सीएम देवेंद्र फडणवीस बजट सत्र से पहले वित्त विभाग का प्रभार संभालेंगे। इस कदम से राज्य सरकार में शक्ति संतुलन और कार्य संस्कृति दोनों का पुनर्गठन होने की संभावना बनी है, खासकर जब चुनावी मौसम और बजट सत्र नज़दीक है।

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● सुनेत्रा पवार कौन हैं? राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि

सुनेत्रा पवार का जन्म 1963 में ओस्मानाबाद (अब धाराशिव) में हुआ था। वे एक राजनीतिक पृष्ठभूमि से आती हैं; उनके पिता बाजीराव पाटिल स्थानीय नेता थे और उनके भाई पद्मसिंह बाजीराव पाटिल भी राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे।

वे लंबे समय तक फ्रंटलाइन राजनीति से दूर रहीं और सामाजिक कार्यों तथा ग्रामीण विकास परियोजनाओं में सक्रिय रहीं। 2024 में उन्होंने बारामती से लोकसभा चुनाव में भाग लिया, लेकिन हार गईं। इसके बाद उन्हें 2024 में राज्यसभा सांसद के रूप में चुना गया, जिससे उनका राजनीतिक प्रोफाइल और मजबूत हुआ।

 

● राजनीतिक दृष्टिकोण: एनसीपी का घमासान और नेतृत्व परिवर्तन

सुनेत्रा पवार का डिप्टी सीएम बनने का निर्णय राष्ट्रीयवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। यह कदम न सिर्फ पार्टी की राजनीतिक विरासत की निरंतरता को बनाए रखने की दिशा में है, बल्कि पवार परिवार की राजनीतिक भूमिका को राज्य स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करने का संकेत भी माना जा रहा है। कई पार्टी कार्यकर्ता और नेता इसे राजनीतिक संतुलन और पार्टी एकता की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।

 

नेता छगन भुजबल और अन्य वरिष्ठ NCP कार्यकर्ताओं ने कहा है कि सुनेत्रा पवार का नेतृत्व स्वीकार करना पार्टी और गठबंधन की स्थिरता के लिए आवश्यक है। इसी बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सुनेत्रा पवार को NCP विधायक दल का नेता भी घोषित किया जाए, जो उनकी उपमुख्यमंत्री भूमिका की औपचारिकता को बढ़ाएगा।

 

● महिला नेतृत्व : नया दायरा और प्रतीकात्मक महत्व

सुनेत्रा पवार के पदोन्नति से महाराष्ट्र में पहली बार किसी महिला को डिप्टी सीएम बनने का ऐतिहासिक अवसर प्राप्त हो सकता है। यह कदम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को और मान्यता देने के साथ-साथ राज्य की महिला नेतृत्व की परंपरा को और मजबूत करने का संकेत भी देता है।

 

● राजनीतिक असर और भविष्य की चुनौतियां

अजीत पवार के अचानक निधन के बाद राज्य में नेतृत्व का एक वैकेंसी उत्पन्न हुआ था, जिससे NCP और महायुति गठबंधन दोनों में हलचल और बातचीत तेज हुई है। सुनेत्रा पवार को पद देने का कदम इस वैकेंसी को भरोसे के साथ भरेगा और पार्टी को आगामी चुनावों, खासकर जिलापरिषद चुनावों तथा आगामी सत्रों में राजनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह कदम NCP के लिए एक संकेतात्मक और रणनीतिक प्रस्थान बिंदु हो सकता है, जो पार्टी संगठन और नेतृत्व संरचना को नए सिरे से आकार देगा।