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IAS, IPS, IFS अफसरों के बीच जड जमा चुका था बिल्डर राजेश शर्मा,IT की जद में आ सकते है कई ब्यूरोक्रेटस,अब होंगे चौंकाने वाले खुलासे!

दलालों के जरिए इन तक बनाई पहुंच, अब अफसरों की मुश्किलें बढ़ना तय

IAS, IPS, IFS अफसरों के बीच जड जमा चुका था बिल्डर राजेश शर्मा,IT की जद में आ सकते है कई ब्यूरोक्रेटस,अब होंगे चौंकाने वाले खुलासे!

भोपाल:त्रिशूल कंस्ट्रक्शन के राजेश शर्मा, क्वालिटी बिल्डर्स के मुन्ना-विनोद अग्रवाल, ईशान बिल्डर्स के तेजेंदर और बलविंदर पाल पर आयकर विभाग के बाद अब मध्य प्रदेश कॉडर के कुछ IAS, IPS और IFS अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती है। राजेश शर्मा ने दलालों के जरिए अपना जाल वल्लभ भवन, पुलिस मुख्यालय और वन विभाग में फेला लिया था।

आयकर विभाग को जांच के दौरान इस संबंध में अहम जानकारी लग गई है। इस जानकारी को और पुख्ता करने के बाद इस विभाग की जद में प्रदेश के कई ब्यूरोक्रेटस आ सकते हैं।

गौरतलब है कि राजेश शर्मा सहित क्वालिटी बिल्डर्स के मुन्ना-विनोद अग्रवाल, ईशान बिल्डर्स के तेजेंदर और बलविंदर पाल के 52 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापा डाला था। यह छापा पांच दिन तक लगातार चला था। इस दौरान आयकर विभाग ने आठ करोड़ से ज्यादा की नकदी और करोड़ो रुपए की ज्वेलरी के साथ ही बड़ी संख्या में जमीन के कागजात और रजिस्ट्री मिली थी। इसके साथ ही इन सभी के विभिन्न बैंकों के खाते की भी जानकारी लगी थी। इनमें से जमीन के कागजात बेनामी सम्पत्ति के और संकेत करते थे।

*हो सकते हैं अब चौंकाने वाले खुलासे* 

आयकर विभाग ने इन सभी के यहां के मिले मोबाइल और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाया। दस्तावेजों में कई अफसरों के नाम और जिक्र मिला है। मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR)आयकर विभाग को मिल चुकी है।

सूत्रों की मानी जाए तो राजेश शर्मा के यहां से मिले मोबाइल फोन की CDR का दस महीने का रिकॉर्ड आयकर विभाग ने निकाल लिया ह। जिसमें उसने कई अफसरों से सीधे बातचीत की। कई अफसरों से एक दिन में कई बार बात हुई। जबकि कुछ अफसरों से उसकी लगातार बातें होती रही हैं। आयकर विभाग को शक है कि इन अफसरों से इतनी बातचीत इंवेस्टमेंट को लेकर हो सकती है। यह भी सामने आया है कि कुछ अफसरों तक उसकी पहुंच अपने दलाल के जरिए थी। वल्लभ भवन, पुलिस मुख्यालय और वन विभाग में उसके दलाल मौजूद थे, जो अफसरों से जान पहचान और इंवेस्टमेंट करवाने के लिए राजेश शर्मा के संपर्क में लाए जाते थे।