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Water Burst out of Earth : जैसलमेर में धरती फाड़कर निकला पानी 60 लाख साल पुराना, भू-जल विशेषज्ञों का चौंकाने वाला खुलासा!     

सरस्वती नदी के उद्गम के भी कयास, पानी के साथ निकली टर्शरी काल की रेत, 3 दिन बाद पानी निकलना बंद!

Water Burst out of Earth : जैसलमेर में धरती फाड़कर निकला पानी 60 लाख साल पुराना, भू-जल विशेषज्ञों का चौंकाने वाला खुलासा!

 

Jaisalmer (Rajasthan) : जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ क्षेत्र में पिछले 3 दिनों से ट्यूबवेल खुदाई के बाद भूगर्भ से जो पानी का जलजला निकलना शुरू हुआ था, वो सोमवार को बंद हो गया। भूगर्भ से प्राकृतिक रूप से पानी का प्रवाह बंद होने से जिला प्रशासन व अन्य एजेंसियों ने राहत की सांस ली। पानी के साथ गैस का रिसाव भी बंद हो गया।

चौकाने वाली बात यह भी सामने आई कि भू-जल विशेषज्ञों के मुताबिक, जमीन से टर्शरी काल की रेत निकली है। ऐसे में संभावना है कि जो पानी निकला, वो 60 लाख साल पुराना हो सकता है। ऐसे में इसकी स्टडी की जरूरत है और इसके लिए कई कुएं खोदने की आवश्यकता है। कुछ वैज्ञानिकों ने इसे सरस्वती नदी से जुड़ा कोई उद्गम स्थल होने की बात भी कही, पर इस बारे में उन्होंने कोई दावा नहीं करते हुए और खोजबीन की बात कही।

सोमवार को सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड, आईआईटी जोधपुर के साथ स्टेट ग्राउंड वाटर बोर्ड के प्रभारी व वरिष्ठ भुजल वैज्ञानिक डॉ नारायण इनखिया सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। यहां बोरिंग स्थल पर जमीन में दबे हुए ट्रक, मशीनें आदि निकलवाने और दुबारा पानी शुरू न हो, इसके लिए तकनीकी मदद को आयल एंड नेचुरल गैस कमीशन (ओएनजीसी) से संपर्क कर क्राइसेस मैनेजमेंट टीम की मांग की गई है।

भू-जल विशेषज्ञों ने जो चौंकाने वाली बात कही वो ये है कि पानी के साथ जो रेत बाहर निकली, वो टर्शरी काल से जुड़ी है। ऐसे में संभावना है कि जमीन से निकला पानी लाखों साल पुराना है।

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28 दिसंबर से पानी निकलना शुरू हुआ 

28 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजे भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह के खेत में बोरवेल की खुदाई की जा रही थी। करीब 850 फीट खुदाई के बाद अचानक तेज प्रेशर के साथ पानी निकलने लगा। जमीन के भीतर से गैस भी प्रेशर से बाहर निकल रही थी, जिसके चलते पानी की धार 10 फीट तक ऊंची थी। यह नजारा देख आसपास के लोग दहशत में आ गए। किसान के खेत में पानी नदी की तरह बहने लगा। लेकिन, अब तीन दिन बाद यह यह रुक गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार रिसाव कभी भी फिर से शुरू हो सकता है, जिससे जहरीली गैस जैसे हानिकारक तत्व निकल सकते हैं। कलेक्टर ने इस क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। लोगों को खुदाई क्षेत्र के 500 मीटर के दायरे से दूर रहने के निर्देश दिए हैं।