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इस आधुनिक लैब के माध्यम से खाने-पीने की सामग्री, एलोपैथिक आयुर्वेदिक दवाओं में होने वाली मिलावट की अत्याधुनिक तरीके से जांच हो सकेगी. यही नहीं, लैब में सौंदर्य प्रसाधन साबुन आदि में होने वाली मिलावट की जांच करने की भी सुविधा होगी.
दरअसल, प्रदेश में खाद्य सामग्री या दवाओं में हो रही मिलावट के सैंपल को दूसरे राज्यों में जांच के लिए भेजना पड़ता है. नई एडंवास लैब से इसकी नौबत नहीं आएगी. जानकारों के मुताबिक कई बार अन्य राज्यों से सैंपल की रिपोर्ट आने में काफी देर हो जाती है. जिसके चलते कड़ी कार्रवाई करने में दिक्कतें आती है.दूध, सब्जी, फल समेत इन सबकी जांच होगी.
एडवांस लैब बनने के बाद ये गैप भी दूर हो जाएगा. मिलावट पर सख्त कार्रवाई की जा सकेगी. एडवांस लैब में दूध, सब्जी, फल के जरिए सेहत को बिगाड़ने वाले घातक रसायनों, हैवी मेटल्स और पेस्टीसाइड की जांच हो पाएगी. किसी भी तरह की मिलावट की जांच रिपोर्ट भी तय की गई गाइडलाइन के मुताबिक 14 दिन के अंदर मिल पाएगी. एडवांस लैब में इस तरह की जांच से शुद्ध खाद्य सामग्री की राह खुलेगी.





