चार को फैसला…बंगाल में बदलाव या ठहराव…मोदी-शाह आव या ममता रुक जाव… 

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चार को फैसला…बंगाल में बदलाव या ठहराव…मोदी-शाह आव या ममता रुक जाव… 

कौशल किशोर चतुर्वेदी

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बंपर वोटिंग के बाद मोदी-शाह के मन में खुशी की लहर है। खास तौर पर पश्चिम बंगाल कमल के राडार पर है। पहले चरण में 152 सीटों पर हुए मतदान के बाद शाह ने 110 सीटों पर जीत का ऐलान कर दिया है। दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होना है। अगर शाह के ट्रेंड पर पश्चिम बंगाल का मतदाता नाचा तो दूसरे चरण में भी कम से कम कमल शतक के पार होगा। ऐसे में दो तिहाई सीटों पर भाजपा नजर आएगी। बंगाल में बदलाव की बयार बहेगी। मतदाता ममता जाव कहते नजर आएंगे और मोदी-शाह आव से बंगाल गूंज जाएगा। इसका दूसरा पहलू यह भी है कि जो दिख रहा है वह परिणामों में नजर न आए। तब ममता रुक जाव कहकर पश्चिम बंगाल ठहराव का पर्याय बन जाएगा। और बदलाव जैसा शब्द बेमानी नजर आएगा। तब बंगाल में मोदी-शाह आव की सारी गुंजाइश हमेशा के लिए दफन हो जाएगी। फैसला चार मई 2026 को है और तब बंगाल का मतदाता पूरी दुनिया के मानस पर ट्रेंड करता नज़र आएगा। फिलहाल मोदी-शाह खेमे में उत्साह है तो ममता को अपनी जीत की क्षमता पर पूरा भरोसा है।

 

पश्चिम बंगाल चुनाव में 23 अप्रैल 2026 को पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद अब दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने 24 अप्रैल 2026 को चुनावी रैली को संबोधित करते हुए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर शब्दों से वार कर कहा कि बंगाल की जनता ने परिवर्तन की लहर पर मुहर लगा दी है। बंगाल में भय पर भरोसे की जीत हो चुकी है। पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से 152 सीटों पर पहले फेज में 92 फीसदी से अधिक मतदान हुआ। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 85 फीसदी से अधित वोटिंग हुई है। बंगाल में ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के लिए चौथी बार सत्ता बचाने की जंग लड़ रही हैं। तो ममता की उम्मीदों को निर्ममता से कुचलने का मन मोदी-शाह बना चुके हैं। ममता पर मोदी के आरोप हैं कि टीएमसी महिला विरोधी पार्टी है। टीएमसी ने लोकतंत्र के मंदिर को कुचल दिया था। मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता ने परिवर्तन की लहर पर मुहर लगा दी है। दूसरे चरण में विजय ध्वज फहराना है। बंगाल ने लोकतंत्र के मंदिर का पुनर्निमाण किया है। शाह के मुताबिक, लोगों ने बिना डर के रिकॉर्ड मतदान किया है और यह बदलाव के पक्ष में जनादेश है। उन्होंने कहा कि बंगाल में अब “भय से भरोसे” की यात्रा जारी है और परिवर्तन तय है।

शाह की यह बात सही है कि बंगाल में प्रचंड बहुमत आ रहा है। यह बात भी सही है कि भारत के पूर्व और पश्चिम में विकास होगा। यह बात भी सही मान सकते हैं कि हमारी सरकार में भाई-भतीजा टैक्स नहीं होगा। पर उन्हें खुद

संशय है कि बहुमत किसका आएगा? शाह ने कहा है कि सरकार बनी तो भ्रष्टाचार पर श्वेत पत्र लाएंगे। यानि कि संशय बाकी है। और यहीं पर ममता की उम्मीदें बरकरार नजर आ रही हैं।

भारतीय जनता पार्टी से टीएमसी की सीधी टक्कर है। भारतीय जनता पार्टी ममता बनर्जी के गढ़ में सत्ता हासिल करना चाहती है। ममता बनर्जी 3 बार से पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री हैं। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। पर पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों पर 92.88 फीसदी मतदान ने परिणाम आने तक सबको भ्रम में डाल दिया है। परिवर्तन से भी इंकार नहीं किया जा सकता है तो बंगाल के कीचड़ में कमल खिलने की राह को बहुत आसान भी नहीं माना जा सकता है। पर यह बात सही है कि बंगाल में इस समय तीन चेहरों पर ही सबकी निगाहें टिकी हैं। और यह चेहरे मोदी, शाह और ममता के हैं। चार मई को फैसला होकर रहेगा… तब पता चलेगा कि बंगाल में बदलाव या ठहराव… मतदाता के मन में क्या है कि मोदी-शाह आव या ममता रुक जाव…।

 

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।