EOW Action: इंदौर में 37 करोड रूपये के घोटाले में करण गृह निर्माण सहकारी संस्था के अध्‍यक्ष एवं पदाधिकारियों के विरूद्ध FIR दर्ज

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EOW Action: इंदौर में 37 करोड रूपये के घोटाले में करण गृह निर्माण सहकारी संस्था के अध्‍यक्ष एवं पदाधिकारियों के विरूद्ध FIR दर्ज

इंदौर: EOW Action: इंदौर में 37 करोड. रूपये के घोटाले में करण गृह निर्माण सहकारी संस्था के अध्‍यक्ष एवं पदाधिकारियों के विरूद्ध आर्थिक अपराध विंग (EOW) द्वारा FIR दर्ज की गई है।
इस संबंध में EOW की एक्सप्रेस डिप्टी के अनुसार
अध्‍यक्ष विजय राठी द्वारा करण गृह निर्माण संस्‍था की भूमि को विक्रय की अनुमति की शर्तों के अनुसार सरकारी गाईडलाईन पर (3.37 करोड.) में बेची जानी चाहिए थी किन्‍तु मात्र 50 लाख रूपये में विक्रय कर शासन को हानि पहुंचाई ।
अध्‍यक्ष विजय राठी द्वारा करण गृह निर्माण समिति की भूमि के विक्रय से प्राप्‍त राशि अपने परिजनों पत्‍नी नम्रता राठी की कंपनी मे ट्रांसफर किया गया एवं समय-समय पर नगद राशि निकालकर राशि का गबन किया गया ।

आरोपी :-
1 करण गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्या. इंदौर, पता- 28, जावरा कम्पाउंड इंदौर।
2 तेजकरण इन्फ्रास्ट्रक्‍चर प्रा0लि0, 210, डी.एम. टॉवर, 21/2 रेसकोर्स रोड, इंदौर
3 रामकुंवर बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स प्रा0लि0, पता- 126, श्रीनगर, इंदौर म0प्र0।
4 विजय पिता जमनादास राठी, निवासी- 286-ए.जी., स्कीम न0-74, विजय नगर इंदौर, तत्का. संस्था अध्यक्ष, करण गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्या. इंदौर एवं तत्का0 डायरेक्टर तेजकरण इन्फ्रास्ट्रक्‍चर प्रा0लि0।
5 नम्रता पति विजय राठी, निवासी- 286-ए.जी., स्कीम न0-74, विजय नगर इंदौर तत्का. डायरेक्टर, रामकुंवर बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स प्रा0लि0
6 अभय पिता पुष्करलाल पुराणिक, निवासी- 126, श्रीनगर, इंदौर, तत्का. डायरेक्टर, रामकुंवर बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स प्रा0लि0
7 ज्योति पति अभय पुराणिक, निवासी- 126, श्रीनगर, इंदौर, तत्का. डायरेक्टर, रामकुंवर बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स प्रा0लि0

करण गृह निर्माण सहकारी संस्था, इंदौर की आम सभा दिनांक 20.03.2005 में यह निर्णय लिया गया था कि संस्था की भूमि (सर्वे क्रमांक 285/1, 286/1, 289, 236/1/2) का विक्रय कर प्राप्त राशि से सदस्यों के लिए नई भूमि क्रय की जाएगी।

उप पंजीयक, सहकारी संस्था, इंदौर द्वारा दिनांक 02.05.2008 को इस शर्त के साथ अनुमति दी गई कि भूमि का विक्रय कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार किया जाएगा तथा प्राप्त राशि से भूमि ही खरीदी जाएगी।
अंकेक्षण वर्ष 2008-09 की जांच में यह पाया गया कि तत्कालीन अध्यक्ष विजय राठी द्वारा उक्त भूमि मात्र 50,00,000/- रुपये में रामकुंवर बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्रा. लि. को विक्रय की गई, जबकि उस समय कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार भूमि का मूल्य तीन करोड सैंतिस लाख पचहत्‍तर हजार रुपये था।
इस प्रकार न केवल शासन द्वारा निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया गया, बल्कि संस्था के हितों को गंभीर आर्थिक क्षति पहुँचाई गई।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि संस्था के खाते में कुल 3,37,75,000/- रुपये की राशि विभिन्न चरणों में जमा हुई, जिसमें गाइडलाइन मूल्य के अनुरूप राशि भी शामिल थी।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उक्त राशि का उपयोग संस्था के सदस्यों हेतु भूमि क्रय में नहीं किया गया, बल्कि तत्कालीन अध्यक्ष द्वारा नगद आहरण कर उसका दुरुपयोग किया गया।

अंकेक्षण रिपोर्ट एवं संबंधित अंकेक्षकों के कथनों से कुल 3,37,75,000/- रुपये के गबन की पुष्टि हुई है।
जांच में यह भी पाया गया कि इस राशि के अंतरण के लिए तेजकरण इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. तथा रामकुंवर बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्रा. लि. जैसी कंपनियों का उपयोग किया गया।
रामकुंवर बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्रा. लि. में नम्रता राठी (तत्कालीन अध्यक्ष की पत्नी) एवं तत्पश्चात स्वयं विजय राठी को डायरेक्टर नियुक्त किया गया।

संस्था की भूमि को संबंधित निजी कंपनी को विक्रय कर, उसी के माध्यम से राशि का स्थानांतरण कर अंततः गबन किया जाना एक संगठित वित्तीय अनियमितता के रूप में सामने आया है।
आरोपियों के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420 एवं 120-बी का अपराध पंजीबद्ध किया गया ।