
ट्रंप को सभी इग्नोर ही कर रहे हैं…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर की गई एक पोस्ट में भारत को ‘नरक जैसी जगह’ कहा था। अमेरिका में अवैध प्रवासियों के मुद्दे के संदर्भ में साझा की गई इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने कहा है कि यह अनुचित हैं और दो देशों के मज़बूत संबंधों के अनुरूप नहीं है।
दरअसल, अमेरिका में दक्षिणपंथी रेडियो होस्ट माइकल सैवेज ने टॉक रेडियो शो के एक एपिसोड में ये टिप्पणी की थी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इसे बिना कोई टिप्पणी किए शेयर कर दिया था। सैवेज ने इस टिप्पणी में कहा था, “यहां एक बच्चा जन्म लेते ही तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर वे चीन या भारत या ग्रह के किसी अन्य नरक से पूरे परिवार को ले आते हैं।” जो पोस्ट ट्रंप ने शेयर किया उसमें आगे कहा गया, “आज आने वाले अप्रवासी वर्ग में इस देश के प्रति लगभग कोई वफ़ादारी नहीं है, जो हमेशा से ऐसा नहीं था। नहीं, वे आज के यूरोपीय अमेरिकियों और उनके पूर्वजों की तरह नहीं हैं।”
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस पोस्ट पर करारा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने भारत और अन्य देशों को ‘नरक’ बताया था। ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट जैसी मामूली बात पर भारत को इतना भड़कना नहीं चाहिए। यह हमारी कूटनीति के तरीके के अनुरूप नहीं है। अगर मैं भारत सरकार होता, तो मैं इसे नजरअंदाज कर देता।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूढ़िवादी लेखक और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज का जन्मसिद्ध नागरिकता के बारे में एक विवादित टेक्स्ट साझा कर के विवाद खड़ा कर दिया है। इसमें सैवेज ने दावा किया कि मौजूदा कानून, प्रवासियों को अपनी गर्भावस्था के नौवें महीने में अमेरिका पहुंचकर स्थानीय कानूनों का फायदा उठाने की अनुमति देता है। माइकल सैवेज का जो बयान ट्रंप ने शेयर किया है, उसमें लिखा है, “यहां एक बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर वे पूरे परिवार को चीन या भारत या दुनिया की किसी और नरक से ले आते हैं। यह देखने के लिए आपको ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है। यहां अब इंग्लिश नहीं बोली जाती।” इस लिखित दस्तावेज में अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन से जुड़े वकीलों की भी कड़ी आलोचना की गई थी, जिन्हें “लैपटॉप वाले गुंडे” बताया गया था और उन पर सभी माफिया परिवारों से कहीं ज्यादा देश को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये टिप्पणियां “स्पष्ट रूप से अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और अभद्र” थीं, और उन्होंने कहा कि ये आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं। ट्रंप की सीधे तौर पर आलोचना नहीं की गई है।
इस पूरे मामले पर अगर गौर किया जाए तो इसे ‘उनकी नादानियां और हमारी मजबूरियां’ जैसा उदार भाव रखकर देखा जा सकता है। समस्या बस इतनी सी है कि ट्रंप जानबूझकर नादानियां कर रहे हैं और करते जा रहे हैं। ट्रंप के ऐसे पागलपन से अमेरिकी भी खुश नहीं हैं। ट्रंप पर डिनर के दौरान हमले की कोशिश को अमेरिका में भी उनके प्रति नाराजगी से जोड़कर देखा जा सकता है। और ट्रंप की मानसिकता पर गौर किया जाए तो अमेरिका को छोड़कर पूरी दुनिया उनके लिए नरक जैसी ही है। और इसी सोच की प्रतिक्रिया है कि ट्रंप अमेरिका को ही नरक बनाने पर तुले हैं। तो भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अमेरिका को लगातार इग्नोर ही कर रहे हैं। मुक्त व्यापार अभी तक आकार नहीं ले पा रहा है। युद्धों की बौछार जारी है। और पूरी दुनिया ट्रंप को लगातार इग्नोर ही कर रही है। रूस हो, चीन हो, भारत हो या ईरान हो… शायद पाकिस्तान ही बचा है, जो ट्रंप को इग्नोर नहीं कर पा रहा है…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





