
Eye Donation Becomes a Great Donation : ठाकुर नारायण सिंह कुंपावत ने मृत्यु उपरांत भी दी 2 लोगों को रोशनी की सौगात!
Ratlam : शहर की 80 फीट रोड़ स्थित मां गायत्री हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. जितेंद्र सिंह कुंपावत के पिताजी ठाकुर साहब नारायण सिंह कुंपावत के देवलोकगमन होने पर नेत्रम संस्था के सदस्य एवं समाजसेवी सुशील मीनु माथुर, अमित नागर एवं गिरधारीलाल वर्धानी की प्रेरणा से प्रेरित होकर पिताजी के नेत्रदान की सहमति जताई। नेत्रम संस्था के सदस्य हेमन्त मूणत ने बताया कि परिजनों की सहमति प्राप्त होते ही रतलाम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा को सूचना दी गई। उनके निर्देशन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में नर्सिंग ऑफिसर विनोद कुशवाहा ने दिलीप डामोर एवं संतोष भाभर के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
विशेष रूप से उल्लेखनीय यह रहा कि संपूर्ण प्रक्रिया को समयबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से पूर्ण कराने हेतु नेत्रम संस्था के सदस्य सुशील मीनु माथुर ने अपनी निजी वाहन व्यवस्था से टीम को दिवंगत के निवास स्थान से मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाने एवं वापस लाने की जिम्मेदारी निभाई। यह प्रेरणादायक नेत्रदान समाज के लिए एक जीवंत संदेश बन गया कि व्यक्ति अपने जीवन के अंतिम क्षणों के बाद भी किसी की अंधेरी दुनिया में उजाला भर सकता है। हेमन्त मूणत ने बताया कि नेत्रम संस्था लंबे समय से जनजागरण के माध्यम से नेत्रदान महादान का संदेश समाज तक पहुंचा रही है। नेत्रम संस्था के गिरधारीलाल वर्धानी, नवनीत मेहता, शीतल भंसाली, शलभ अग्रवाल,सुशील मीनु माथुर, प्रवीण गुप्ता एवं अमित नागर आदि मौजूद रहें!





