
IVY County की 12वीं मंजिल पर लगी आग,फायर ब्रिगेड का पानी छठी मंजिल तक ही पहुंच पाया ,देखिये वीडियो
नोएडा। सेक्टर-74 स्थित आइवी काउंटी सोसायटी में शुक्रवार शार्ट सर्किट से आग लग गई। आग 28 मंजिला इमारत के 12वें फ्लोर पर स्थित एक फ्लैट में लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फ्लैट की खिड़कियों से ऊंची लपटें निकलने लगीं। आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया, जिससे पूरी सोसायटी में दहशत का माहौल बन गया।नोएडा सेक्टर-75 स्थित आईवी काउंटी सोसायटी में शुक्रवार सुबह लगी भीषण आग ने दमकल विभाग की तैयारियों और ऊंची इमारतों में अग्निशमन व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले का संज्ञान लिया है।
छठी मंजिल तक ही पहुंच पा रहा था पानी
इस भीषण आग ने दमकल विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। आग ऊपरी मंजिल पर होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सीधे वहां तक नहीं पहुंच पा रही थी। स्थिति यह हो गई थी कि दमकलकर्मी छठी मंजिल तक ही पानी की बौछार कर पा रहे थे, जबकि आग 12वीं मंजिल पर धधक रही थी। आग की ऊंचाई और पहुंच में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ। हालांकि, अंतत: दमकलकर्मी आग पर काबू पाने में कामयाब रहे।
घटना के बाद सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई। लोग सीढ़ियों के जरिए इमारत से बाहर निकलने लगे। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और पुलिस मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए इमारत को खाली कराया गया। एहतियातन आसपास के फ्लैटों में रहने वाले लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फायर विभाग आग पर काबू पाने और कारणों की जांच में जुटा है।
सीएम योगी ने लिया संज्ञान
नोएडा के एक अपार्टमेंट में लगी भीषण आग की घटना का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आग में घायल हुए लोगों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने तथा प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।





