Fraud: नर्सिंग कॉलेज की जांच में फर्जीवाड़ा,CBI के और अफसरों पर भी शक,दिल्ली की एक टीम का भोपाल में डेरा

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Fraud: नर्सिंग कॉलेज की जांच में फर्जीवाड़ा,CBI के और अफसरों पर भी शक,दिल्ली की एक टीम का भोपाल में डेरा

भोपाल: मध्य प्रदेश में CBI अफसरों द्वारा निजी नर्सिंग कॉलजों को क्लीनचिट दिए जाने के मामले में कई और अफसर शक के दायरे में आ गए हैं। अब तक CBI के दो अफसर इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। जबकि नर्सिंग कॉलेज की जांच में बनी कमेटी में सीबीआई के अन्य अफसर भी शामिल बताए जाते हैं। इनमें से कुछ पर शक की सुई अब घूमने लगी है। इधर सीबीआई अफसरों की गिरफ्तारी के बाद 308 नर्सिंग कॉलेजों की जांच रिपोर्ट भी पूरी तरह से संदिग्ध हो चुकी है।
इस मामले में सीबीआई अपने दो निरीक्षकों समेत 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इन सभी को पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है। जबकि CBI की एक टीम भोपाल और प्रदेश के अन्य जिलों में इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल करने में जुटी हुई है।
सूत्रों की मानी जाए तो अब पूरी कमेटी ही शक के दायरे में आ गई है। कमेटी में जितने भी सदस्य थे,  उनकी सहमति से ही 308 कॉलेजों की जांच रिपोर्ट तैयार हुई। इसलिए कमेटी के हर सदस्य की अब गुपचुप रूप से जांच हो रही है। इस कमेटी में सीबीआई के कुछ अन्य अफसर भी शामिल हैं। भोपाल में पदस्थ सीबीआई के कुछ ऐसे अफसर भी हैं जो इस कमेटी में नहीं थे, लेकिन निरीक्षक राहुल राज और सुशील मजोका के करीबी रहे, उन पर भी दिल्ली सीबीआई की नजर है।

*यह है मामला*
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की जांच कर रही है। जांच के लिए सीबीआई के अफसरों और नर्सिंग कॉलेज के कुछ लोगों को मिलाकर कमेटी बनाई गई। इस कमेटी को प्रदेश के करीब 600 कॉलेजों की जांच करना थी जिसमें से 308 कॉलेजों की जांच पूरी कर रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंप दी थी। हाईकोर्ट ने जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया था। इसी बीच एनएसयूआई के नेता रवि परमार ने इस मामले में सीबीआई को शिकायत करते हुए बताया था कि जांच में जिन निजी कॉलेजों को सही पाया गया है, हकीकत में वे कॉलेज नियमानुसार चल ही नहीं रहे हैं। जांच में उन्हें उपयुक्त बताने में सीबीआई के अफसरों की भी मिली भगत है। इस शिकायत के बाद दिल्ली सीबीआई की विजीलेंस टीम सक्रिय हुई और उसके बाद उसने कार्यवाही की।

*रीवा के सरकारी कॉलेज को बता दिया अनुपयुक्त*
इस कमेटी ने रीवा के सरकार नर्सिंग कॉलेज को अपने जांच में फेल कर दिया था। इस कमेटी ने जांच में यह बताने का प्रयास किया कि रीवा का सरकारी कॉलेज नर्सिंग की पढ़ाई के लिए फीट नहीं हैं, वह सुविधाओं का अभाव है। जबकि प्रदेश के 169 निजी कॉलेजों को उपयुक्त बताया था।