
ICICI Bank Deputy Manager Fraud:1.38 करोड़ की हेराफेरी,डिप्टी ब्रांच-मैनेजर पति के साथ एफडी-गोल्ड लोन का सोना लेकर फरार
असली सोने की जगह नकली गहने रखे
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आईसीआईसीआई बैंक में 1 करोड़ 38 लाख रुपए की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। जिसने बैंकिंग सिस्टम और ग्राहकों के भरोसे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।बैंक की डिप्टी ब्रांच मैनेजर ने अपने पति और अन्य के साथ मिलकर बैंक और ग्राहकों की एफडी डिपॉजिट के साथ ही गोल्ड लोन का सोना लेकर फरार हो गई है।इस फ्रॉड में बैंक के कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।जांच में सामने आया कि यह पूरा खेल अगस्त 2024 से सितंबर 2025 के बीच योजनाबद्ध तरीके से किया गया.
महाघोटाला-
शुरुआती कार्रवाई में बैंक प्रबंधन ने डिप्टी ब्रांच मैनेजर को बर्खास्त कर दिया है। बैंक के ब्रांच मैनेजर की रिपोर्ट पर पुलिस केस दर्ज कर लिया गया है। पूरा मामला सिविल लाइन क्षेत्र के मंगला स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा का है।
जानकारी अनुसार, ICICI बैंक की मंगला ब्रांच के वर्तमान ब्रांच मैनेजर अरूप पाल ने बैंक ऑडिट में गड़बड़ी मिलने पर पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि, 17 सितंबर 2025 को दैनिक बैंकिंग कार्यों के दौरान वित्तीय लेन-देन रिपोर्ट की समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि, रिपोर्ट का अंतिम पन्ना गायब था, जिसे डिप्टी ब्रांच मैनेजर तनीषा अग्रवाल ने जानबूझकर हटाया था।
ग्राहकों के फर्जी साइन कर 87.95 लाख का लेन-देन
जांच में यह भी पता चला कि ग्राहकों के फर्जी साइन कर 87.95 लाख रुपए के 14 अवैध ट्रांजैक्शन किए गए। इसी तरह एफडी पर ओवरड्राफ्ट कर एक महिला ग्राहक की 30 लाख की जमा पूंजी में से बिना अनुमति 28.29 लाख रुपए निकाल लिए गए।
ग्राहकों के FD और निवेश के रिकॉर्ड गायब
जांच में यह भी सामने आया कि, कई ग्राहकों के फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश के वाउचर बैंक रिकॉर्ड से गायब पाए गए। पूरे मामले में सभी ने मिलकर अगस्त 2024 से सितंबर 2025 तक 1.38 करोड़ रुपए की हेराफेरी को अंजाम दिया है। इससे आशंका है कि मामले में बैंक के अन्य कर्मचारी भी लिप्त हैं।
मामले में थाना प्रभारी एसआर साहू ने अरूप पाल की लिखित शिकायत पर आरोपी डिप्टी ब्रांच मैनेजर, उसके पति और अन्य के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पति के साथ रची साजिश, अब दोनों फरार
इस पूरे घोटाले में ICICI की डिप्टी ब्रांच मैनेजर और उसका पति भी शामिल है, जो खुद बैंक कर्मचारी थे। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला अधिकारी ग्राहकों के घर जाकर बैंकिंग सेवा देने के बहाने उनके मोबाइल एप का एक्सेस लेती थी और धोखाधड़ी को अंजाम देती थी। आरोपी और उसका पति 22 सितंबर 2025 से ही फरार बताए जा रहे हैं।





