
Identified Category Case : 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोहरा आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा!
Ratlam : न्यायालय राकेश कुमार शर्मा विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट द्वारा अभियुक्त राजेन्द्र (32) सिंह पिता शंभूसिंह राजपूत थाना नामली जिला रतलाम को धारा 5 एम सहपठित धारा 6 एवं 5 आई सहपठित धारा 6 में आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार रुपए धारा 363 भादवि में 10 वर्ष कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपए एवं धारा 323 भादवि में 1 वर्ष कठोर कारावास एवं 1 हजार रूपए का अर्थदंड व धारा 506 भाग-2 भादवि में 2 वर्ष कठोर कारावास एवं 1 हजार रूपए के अर्थदंड से दण्डित कर संपूर्ण अर्थदंड की राशि व 2 लाख रूपए की राशि प्रतिकर के रूप पीडिता को प्रदान करने का आदेश प्रदान किया गया।
श्रीमती आशा शाक्यवार, सहायक निदेशक अभियोजन ने बताया कि 11.जून.2023 को थाना नामली पर महिला थाना प्रभारी कार्यवाहक निरीक्षक नीलम चोंगड़ द्वारा देहाती नालसी के आधार पर बताया कि फरियादी नामली के पास गांव में रहता हैं, जिसके 3 बच्चे है, बड़ी लडकी है, उसके बाद 2 जुड़वा बच्चे है, घटना वाली रात को मेरी बड़ी नाबालिग लड़की (पीड़िता) घर के बाहर पलंग पर उसकी नानी के साथ सोई हुई थी।
रात 12 बजे के बाद सभी सो गए थे। रात 2 बजे के करीब नानी ने हम सभी घर के लोगों को उठाया जब हम उठे तो मेरी बेटी (पीड़िता) रो रही थी। पीड़िता ने हमें बताया कि वह सोई हुई थी तो कोई व्यक्ती मुझे उठाकर ले जा रहा था मेरे घर के पीछे खेत मे लाईट की डीपी के पास मेरी नींद खुली तो मेने देखा कि वह आदमी मेरे गांव का राजेन्द्र सिंह पिता शम्भु सिंह राजपुत था। उसने मुझे खेत में लेटा कर मेरे साथ गंदा काम किया। उसके बाद पीड़िता चिल्लाने लगी तो पीड़िता को चेहरे और गले पर थप्पड़ मारे। नाबालिग लड़की ने बताया कि आरोपी के हाथ पर राजेन्द्र सिंह भी गुदा हुआ था। उसने बोला की चुपचाप घर पर जाकर सो जाना ओर किसी को बताना मत यदि तुने तेरे घर पर किसी को बताया तो तुझे मार डालूंगा। उसने मुझे (पीड़िता) छोड़ दिया तो पीड़िता ने घर आकर घटना नानी को बताई तब नानी ने घर के लोगों को उठाकर बात बताई।
पीड़िता ने जब नानी को उठाया था तब उसकी नानी ने गांव के राजेन्द्रसिंह पिता शम्भुसिंह राजपुत को भागते हुए रोशनी में देखा था। तभी पीड़िता की मां ने पीड़िता की लेगी से खून निकलते देखा जो बंद नहीं हो रहा था सभी नाबालिग लड़की को अपने साथ लेकर रतलाम अस्पताल आए। जहां पर पीडिता 5 दिनों तक भर्ती रही। पुलिस ने देहाती नालसी के आधार पर असल अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया। पुलिस ने विवेचना के आधार पर दुष्कर्म की धाराओं का ईजाफा कर आरोपी राजेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया जाकर उसका एवं पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया।
इसके अलावा स्कूल से दस्तावेज प्राप्त कर आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय में आरोपी राजेन्द्र सिंह के विरुद्ध धारा 363, 366A, 376 (AB), 323, 506 भादंवि एवं 3/4, 5 आई/6 एवं 5 एम/6 पॉक्सो एक्ट एवं 3(2) (VA), 3(1) (W) (i), 3(1) (W) (ii) SC/ST के अंतर्गत पेश किया गया। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट द्वारा प्रकरण की परिस्थितियों एवं अभिलेख पर आई साक्ष्य पर बडी ही संवेदनशीलता के साथ विचार कर निर्णय लिया गया है। अपने निर्णय में न्यायालय द्वारा कहा गया है कि अभियोक्त्री 9 वर्ष 7 माह की बालिका है और अभियुक्त की उम्र 32-34 वर्ष है। इस अभियुक्त ने अपने पुत्री की आयू की बालिका के साथ बलात्संग कर समाज की आत्मा को झकझोर दिया है। यह कल्पना करना भी असंभव हैं कि बालिका पर घटना के समय क्या गुजरी होगी।
विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा, द्वारा इस निर्णय में यह भी उल्लेखित किया गया हैं कि भारत देश में 12 वर्ष से कम उम्र की बालिका को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है किंतु कई वर्षो से छोटी बालिकाओं के साथ लैंगिक एवं बलात्संग की घटनाए तेजी से बढ रही है जिसे देखते हुए वर्तमान प्रकरण के अपराधी द्वारा जघन्य तरीके से घटना कारित की गई है इसलिए किसी भी तरह से यह अपराधी दया का पात्र नहीं है और उसे कडी सजा दी गई है। उक्त प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज क्षेणी में चिन्हित कर विचारण के दौरान न्यायालय में अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्षियों ने घटना का समर्थन किया एवं घटना को प्रमाणित करने हेतु मौखिक, दस्तावेजी, मेडिकल साक्ष्य एवं अभियोजन द्वारा विधिक तर्क कर आरोपी को अधिकतम दंड से दंडित किए जाने हेतु निवेदन किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य को विश्वसनीय मानते हुए अपने निर्णय में आरोपी राजेन्द्र सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रकरण की सशक्त पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्रीमती गौतम परमार, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी जिला रतलाम द्वारा की गई!





