जिस तरह मोदी-शाह ने नितिन नवीन पर भरोसा जताया… उसी तरह नितिन नवीन ने रजनीश पर जताया भरोसा…

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जिस तरह मोदी-शाह ने नितिन नवीन पर भरोसा जताया… उसी तरह नितिन नवीन ने रजनीश पर जताया भरोसा…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश से अपने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 4 जून 2026 की शाम जारी सूची में राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा द्वारा मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद रजनीश अग्रवाल भावुक हो गए। जब रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा का टिकट मिलने की खबर मिली, तो उन्हें पहले विश्वास ही नहीं हुआ। उन्हें लगा कि कोई पत्रकार मित्र उनसे मजाक कर रहा है। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसी किसी चीज की कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि यह केवल भाजपा जैसे दल में ही संभव है, जहां एक सामान्य और जमीनी कार्यकर्ता के काम का आकलन शीर्ष नेतृत्व द्वारा दूर बैठकर किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे टिकट के लिए न तो दिल्ली गए, न किसी बड़े नेता से मिले और न ही प्रदेश कार्यालय गए थे। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नेतृत्व को ‘देवतुल्य’ बताया। पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और और प्रदेश संगठन मंत्रियों का आभार जताते हुए रजनीश अग्रवाल ने कहा कि इन सभी ने उनके जैसे कार्यकर्ता को गढ़ा है और उसका ही नतीजा उन्हें राज्यसभा टिकट के रूप में मिला है। रजनीश अग्रवाल लंबे समय से पर्दे के पीछे रहकर मध्य प्रदेश भाजपा में संगठन, बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीति का काम संभाल रहे हैं। वे संगठन में विभिन्न पदों पर लगातार काम करते रहे हैं। इसलिए भाजपा के पास रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा में भेजने का पर्याप्त आधार था। और शायद इसीलिए जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन जैसे चौंकाने वाले नाम पर भरोसा जताया था, ठीक उसी तरह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में रजनीश अग्रवाल जैसे चौंकाने वाले नाम तय हो रहे हैं।

फिलहाल सोशल मीडिया पर वह फोटो भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें नितिन नवीन के रजनीश अग्रवाल से पुराने मजबूत संबंधों की पुष्टि हो रही है। इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद मध्य प्रदेश के अनगिनत भाजपा नेताओं ने उनके साथ अपनी पुरानी तस्वीरें सार्वजनिक की थीं। और इससे यही साबित होता है कि नितिन नवीन भी मजबूत आधार के साथ ही आगे बढ़े हैं। और उस दौरान उनके पूरे देश के भाजपा कार्यकर्ताओं से मजबूत संबंध बने। पार्टी के ऐसे सभी संबंधों को सम्मान देना नितिन नवीन की पुरानी आदत में शुमार है। लेकिन जिस तरह मजबूत आधार के साथ नितिन नवीन को भाजपा का सबसे कम उम्र का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल हुआ है, ठीक उसी तरह नितिन नवीन भी भाजपा को समर्पित, पुराने, कर्मठ और युवा कार्यकर्ताओं पर भरोसा जता रहे हैं। इसीलिए नितिन नवीन का नाम भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चौंकाने वाला था और मध्य प्रदेश में रजनीश अग्रवाल का नाम भी राज्यसभा सदस्य के लिए तय होना सभी को चौंका रहा है। लेकिन इससे एक बात साबित होती है कि भाजपा को इसीलिए ‘पार्टी विद डिफरेंस’ माना जाता है, क्योंकि रजनीश की तरह, यहां बार-बार चौंकाने वाले नाम सम्मान पाकर यह साबित करते हैं कि भाजपा की असल पूंजी स्थापित नाम नहीं बल्कि जमीनी समर्पित कार्यकर्ता ही हैं। और कांग्रेस के लिए यह गहन चिंतन की बात है कि कड़की के दौर में भी वह समय पर सही फैसले लेने में अभी भी पिछड़ रही है। भाजपा ने राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा कर मध्यप्रदेश में एक बार फिर कांग्रेस से बाजी मार ली है। वैसे तो कांग्रेस को भी अब असल पूंजी कार्यकर्ता पर राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर अपनी मुहर लगाना चाहिए। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी उत्साह जाग सकता है।

थोड़ा सा भाजपा के प्रदेश सचिव रजनीश अग्रवाल के बारे में बात करते हैं। रजनीश अग्रवाल को संगठन और बूथ प्रबंधन का चाणक्य माना जाता है। सागर जिले से ताल्लुक रखने वाले रजनीश अग्रवाल लंबे समय से प्रदेश भाजपा संगठन में पर्दे के पीछे रहकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा के भीतर उन्हें बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति का विशेषज्ञ माना जाता है। और उन्होंने पूर्व प्रवक्ता सहित कई महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। संगठन में उनकी पहचान एक ऐसे जमीनी नेता के रूप में है, जिन्होंने मध्यप्रदेश में भाजपा के कार्यकर्ता नेटवर्क को मजबूत करने में सबसे अहम योगदान दिया है।रजनीश अग्रवाल मूल रूप से सागर जिले के मंडी बामोरा के रहने वाले हैं। उन्होंने सागर स्थित प्रतिष्ठित डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की उपाधि ली है। पत्रकारिता की पृष्ठभूमि से आने के कारण उनकी मीडिया प्रबंधन और तार्किक संवाद शैली पर जबरदस्त पकड़ है, जिसका लाभ पार्टी को हमेशा मिलता रहा है। और जिसका लाभ फिलहाल रजनीश अग्रवाल को भी मिला है। रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा का टिकट दिए जाने से बुंदेलखंड क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह का माहौल है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह फैसला संगठन में रजनीश अग्रवाल के लंबे अनुभव, निस्वार्थ समर्पण और उनकी विशिष्ट कार्यशैली का सच्चा सम्मान है।

तो भाजपा के ऐसे फैसले ही भाजपा को अन्य राजनीतिक दलों से अलग साबित करते हैं। और नितिन नवीन भी भाजपा का ऐसा ही फैसला रहा है तो मध्यप्रदेश में रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा में भेजना भी भाजपा की नीति और नियत पर मुहर लगा रहा है…।

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।