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संस्मरण :केट का वो शैक्षणिक टूर,ताकि सिटी टीम उड़न छू खबर लिखने से बचे

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संस्मरण :स्मृति के रेखा चित्र,इस “श्रृंखला”में आज देश के ख्यात पत्रकार ,कलमकार  कीर्ति राणा जी की प्रस्तुति—

यादें भी ना कई बार हमारे पास आने के बहाने ढूँढ़ लेती हैं,कभी कोई जगह ,कभी कोई चेहरा ,कभी तस्वीर बस उसके साथ हम पिछले गुजरे वक्त में टाइम ट्रेवलर की तरह एक बार फिर पंहुच जाते हैं ,याद करते हुए मुस्कुरा देते हैं ,किसी को गुस्से में कई बार फिर —.तो कभी कभी उन परिस्थितियों को समझने का प्रयास करते हैं यही हैं हमारी स्मृति के रेखा चित्र ,इस “श्रृंखला”में आज प्रदेश  के ख्यात पत्रकार ,कलमकार  कीर्ति राणा जी की प्रस्तुति –आप भी हमसे इस “श्रृंखला” में अपने यादगार संस्मरण शेयर कर सकते हैं .पढ़िए mediawala में एक रोचक संस्मरण-
सम्पादक -स्वाति
                                                                                             

संस्मरण :केट का वो शैक्षणिक टूर,ताकि सिटी टीम उड़न छू खबर लिखने से बचे

कीर्ति राणा
ये ऐतिहासिक फोटो इसलिये हैं कि इंदौर में स्थापित राजा रमन्ना सेंटर फार एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (कैट) का अवलोकन और केंद्र के तत्कालीन निदेशक डीडी भवालकर से इस सेंटर के कार्यों को पहली बार किसी अखबार के पत्रकारों ने शैक्षणिक टूर में समझा था।
तब मैं सिटी चीफ था, कैट के हिंदी अधिकारी (नाम याद नहीं आ रहा है) प्रेस नोट लेकर आते थे। एक दिन मैंने उनसे कहा कि भास्कर की टीम शैक्षणिक टूर करना चाहती है। उन्होंने कहा मैं भवालकर साब से चर्चा कर के बताऊंगा। उनकी सहमति मिलने की सूचना दी तो मैंने कहा हमारी टीम के लंच की भी व्यवस्था कराना होगी। ये बात संभवत: 1988के दौरान की है। मेरे नेतृत्व में भास्कर टीम के करीब एक दर्जन साथी कैट के ही वाहन से सेंटर पर गए।
फ़ोटो के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.
डॉ भवालकर ने पूरा सेंटर घुमाया और हमारी जिज्ञासा का समाधान भी किया। 1987 में जब परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा इंदौर में उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र शुरू किया गया था, तब डॉ. भवालकर को संस्थापक निदेशक नियुक्त किया गया था।केंद्र सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया था। 2000 में, जब उनकी वैधानिक सेवानिवृत्ति होने वाली थी, तो सरकार ने उनकी सेवा को दो साल की अवधि के लिए, अक्टूबर 2002 तक बढ़ा दिया। 2002 में सेवानिवृत्ति के बाद, वे क्वांटलेज़ में निदेशक के रूप में शामिल हो गए, जो औद्योगिक और चिकित्सा लेज़रों का निर्माण करने वाला एक संगठन है।
मैंने ऐसे ही शैक्षणिक टूर सिटी टीम के साथ उदयपुर, श्रीगंगानगर, हिमाचल प्रदेश में भी आयोजित किए थे। ऐसे टूर के पीछे मुख्य उद्देश्य यही रहता था कि सिटी रिपोर्टर आए दिन जिन बड़े विभागों की खबर लिखते हैं उनके कार्य-गतिविधियों को समझें ताकि भविष्य में इन विभागों की उड़न छू खबर लिखने से पहले सावधानी बरतें।
ये दोनों यादगार फोटो उपलब्ध कराने वाले सहकर्मी मांगीलाल चौहान, शाहिद मिर्जा, अखिल हार्डिया सहित अन्य साथी भी नजर आ रहे हैं, इनमें से कुछ साथी दिवंगत हो गए हैं।