WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home Uncategorized

खरगोन में मानसून का कहर: आकाशीय बिजली से 9 मवेशियों की मौत, 6 घंटे की बारिश से शहर जलमग्न

9

खरगोन में मानसून का कहर: आकाशीय बिजली से 9 मवेशियों की मौत, 6 घंटे की बारिश से शहर जलमग्न

खरगोन/बड़वानी: निमाड़ अंचल में मानसून की पहली तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। खरगोन जिले में आकाशीय बिजली गिरने से नौ मवेशियों की मौत हो गई, जबकि रातभर हुई मूसलाधार बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। पेड़ उखड़ने, जलभराव और पेयजल आपूर्ति पर संकट जैसी समस्याएं भी सामने आईं।

महेश्वर क्षेत्र के रोशियाबारी गांव में बुधवार शाम किसान लच्छीराम के पशुबाड़े पर आकाशीय बिजली गिरने से नौ मवेशियों, जिनमें बकरियां, भैंसें और बछड़े शामिल हैं, की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर मंडलेश्वर एसडीएम के निर्देश पर राजस्व अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रक्रिया शुरू की।

IMG 20260626 WA0034

उधर, खरगोन शहर में बुधवार रात करीब 8 बजे शुरू हुई बारिश गुरुवार तड़के तक जारी रही। करीब छह घंटे में 4.5 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई। मानसून की पहली तेज बारिश ने प्री-मानसून तैयारियों की पोल खोल दी। शहर के एक दर्जन से अधिक स्थानों पर जलभराव हो गया, जबकि तेज हवा के कारण कम से कम 10 पेड़ उखड़ गए।

नगरपालिका की टीमें रात करीब 3 बजे तक सड़कों से पेड़ हटाने और जलनिकासी में जुटी रहीं। बिस्तान रोड, खंडवा रोड और सनावद रोड सहित कई क्षेत्रों तथा निचली बस्तियों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। नालों की सफाई अधूरी रहने और जल निकासी व्यवस्था कमजोर होने से कई कॉलोनियों के घरों में भी पानी घुस गया।

ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण कुंदा नदी में बाढ़ का पानी आ गया, जिससे शहर के बैराज तक गंदा और मटमैला पानी पहुंच गया। इससे पेयजल शोधन व्यवस्था प्रभावित हुई है। नगर पालिका के जलकार्य प्रभारी संजय सोलंकी ने बताया कि अधिक गंदलेपन के कारण इंटेक वेल के पंप पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। पानी शुद्ध करने के लिए फिटकरी और ब्लीचिंग पाउडर की मात्रा दोगुनी कर दी गई है। यदि मटमैला पानी आने का सिलसिला जारी रहा तो शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

बारिश के आंकड़ों के अनुसार 25 जून तक खरगोन विकासखंड में इस सीजन में 126 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 97 मिमी बारिश हुई थी। इस वर्ष की कुल वर्षा में से 117 मिमी केवल एक रात में दर्ज हुई। हालांकि जिले की औसत वर्षा अभी भी पिछले वर्ष की तुलना में कम है।

वहीं पड़ोसी बड़वानी जिले में भी मानसून सक्रिय रहा। पिछले 24 घंटों में चाचरिया पाटी में सर्वाधिक 136 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद ठीकरी में 77.2 मिमी और वरला में 66.2 मिमी बारिश हुई। जिले में औसतन 1.7 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे पूरे निमाड़ क्षेत्र में मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी है।