Nursing Scam : नर्सिंग कॉलेज घोटाला मामले में कांग्रेस ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया!

देखिए, 'एक्स' पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का वीडियो!

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Nursing Scam : नर्सिंग कॉलेज घोटाला मामले में कांग्रेस ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया!

Bhopal : बहुचर्चित नर्सिंग घोटाले में कांग्रेस ने अब उन अफसरों और नेताओं को निशाने पर लिया है जो इस फर्जीवाड़े के जिम्मेदार हैं। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करके सरकार को चेताया है कि छोटी मछलियों का शिकार करने के बजाय सरकार बड़े मगरमच्छों को पकड़े। नर्सिंग काउंसिल की पूर्व रजिस्ट्रार सुनीता शिजू की बर्खास्तगी के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, हेल्थ एंड मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) मोहम्मद सुलेमान, तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत बरवडे़ पर कार्रवाई की मांग की है।

बडे़ मगरमच्छों को सरकार क्यों बचा रही
उन्होंने अपने हमले में कहा कि मोहन यादव ने नर्सिंग काउंसिल की पूर्व रजिस्ट्रार सुनीता शिजू को बर्खास्त किया। एक अच्छा कदम है। लेकिन, मोहन जी से कहना चाहता हूं कि बडे़ मगरमच्छों को क्यों छोड़ना चाहते हैं। ACS सुलेमान जो कोरोना काल से घोटाले करते आ रहे हैं वो इसमें भागीदार नहीं हैं। इसके मंत्री और उनके अघोषित ओएसडी क्या इसके भागीदार नहीं हैं।

निशांत बरवडे़ इस मामले में भागीदार हैं। काउंसिल ये लोग चला रहे थे। जब काउंसिल इलेक्टेड रहती है, उसमें आपने उनको चुना नहीं। लेकिन, शासन ने नर्सिंग काउंसिल को टेकओवर करके अपने हिसाब चलाते रहे। सीधे-सीधे तौर पर घोटाला करने वाले बडे़ मगरमच्छ ये हैं। इन पर कार्रवाई करना चाहिए न कि किसी छोटी मछली पर।

जांच में गड़बड़ी करने वाले 6 अफसरों पर कार्रवाई होगी
नर्सिंग काउंसिल की पूर्व रजिस्ट्रार सुनीता शिजू की बर्खास्तगी के बाद अब नर्सिंग कॉलेजों का निरीक्षण कर गलत रिपोर्ट देने वाले 6 अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त तरुण पिथोडे़ ने बताया कि सत्र 2021-22 में कुल 10 नर्सिंग कॉलेजों को नियम विरूद्ध तरीके से सत्र 2021-22 के लिए मान्यता दी गई थी। लेकिन, बाद में मानदंडों के अनुरूप न होने से मान्यता निरस्त की गई थी।

इन 10 नर्सिंग कॉलेजों में से 8 नर्सिंग कॉलेजों को निरीक्षणकर्ताओं की निगेटिव निरीक्षण रिपोर्ट के बावजूद तत्कालीन रजिस्ट्रार ने 2018 के मान्यता नियमों के विपरीत मान्यता दी गई थी। इस मामले में तत्कालीन रजिस्ट्रार र्का सेवा से बर्खास्त किया है। 2 नर्सिंग कॉलेजों वैष्णवी कॉलेज इंदौर, आरडीएम नर्सिंग कॉलेज, उमरिया को निरीक्षणकर्ताओं की अनुकूल रिपोर्ट के आधार पर मान्यता दी गई थी।

मानदंडों के अनुसार न होने से मान्यता निरस्त की गई थी। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए उन नर्सिंग कॉलेजों के 6 निरीक्षणकर्ताओं को संबंधित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के डीन द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की गई है।