
सुरों की मलिका आशा भोंसले के निधन पर मंदसौर के गायक दिव्यांश वर्मा ने साझा की यादें; ‘द वॉइस इंडिया’ के ग्रांड फिनाले मंच पर मिली थी शाबाशी और आशीर्वाद
मंदसौर से वरिष्ठ पत्रकार डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर। भारतीय संगीत जगत की अनमोल रत्न और सुप्रसिद्ध गायिका पद्मभूषण, अंतरराष्ट्रीय ग्रैमी अवॉर्ड में नामांकित आशा भोंसले के निधन से देशभर में शोक की लहर है।…
सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क मुंबई में हुआ ।

इस दुखद घड़ी में मंदसौर के उभरते हुए पार्श्व गायक कलाकार दिव्यांश वर्मा ( मुम्बई ) ने उन पलों को याद किया, जब उन्हें आशा ताई के सामने अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिला था….
मंदसौर के युवा दिव्यांश वर्मा ने हमारे प्रतिनिधि को मंगलवार शाम दूरभाष पर चर्चा में बताया कि साल 2017 में जब वे टीवी रियलिटी शो ‘द वॉइस इंडिया’ के टॉप 10 में पहुंचे थे, तब आशा जी ग्रैंड फिनाले में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई थीं। निर्णायकों में प्रख्यात पार्श्व गायक शान भी शामिल थे ।

उस दौरान प्रस्तुति जो फिल्म
” कश्मीर की कली” के युगल गीत “दीवाना हुआ बादल” जो मोहम्मद रफ़ी साहब और आशा ताई ने साथ गाया था उसे प्रस्तुत किया इस पर आशा ताई ने न केवल दिव्यांश की आवाज की जमकर सराहना की थी, बल्कि संगीत की बारीकियों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया था , ओर कहा कि आप यंग हो आवाज़ की रेंज भी अच्छी है , भविष्य में आगे बढ़ोगे रियाज़ करते रहो ।
दिव्यांश बताते हैं कि गायन के साथ आशा ताई ने उनकी हेयर स्टाइल को भी पसंद किया ।
ग्रैंड फिनाले के दस कंटेस्टेंट के साथ मंच पर और मंच के पीछे भी आत्मीयता से संवाद किया ओर हर एक को प्रोत्साहित किया ।
दिव्यांश बताते हैं कि आशा ताई पुरी तरह स्वस्थ नहीं थीं पर युवा गायकों और ग्रैंड फिनाले के मंच पर उपस्थित रहीं ।
*नरम दिल और महान व्यक्तित्व की धनी थीं – दिव्यांश ने आशा जी के साथ बिताए लम्हों को साझा करते हुए भावुक होकर कहा*
आशा ताई जितनी महान कलाकार थीं, उतनी ही कोमल हृदय और सरल स्वभाव की धनी थीं। दी वॉइस ऑफ इंडिया के ग्रैंड फिनाले में उन्होंने शो के सभी कंटेस्टेंट्स का हौसला बढ़ाया और जिसकी जो कमी थी, उसे बहुत ही प्यार से समझाया। उनका जाना संगीत जगत के लिए एक ऐसा शून्य है जिसे कभी नहीं भरा जा सकता।”
मंदसौर के दिव्यांश वर्मा ने भावपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्मृतियों को याद किया । वे कहते हैं कि लता जी आशा जी भारतीय संगीत और गायन की ईश्वरीय देन है जो सदा बनी रहेगी और सदियों तक उनकी आवाज़ गूंजती रहेगी ।





