इंदौर में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर परिचर्चा , महिलाओं की नईं भूमिका पर हुआ सार्थक मंथन

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इंदौर में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर परिचर्चा, महिलाओं की नईं भूमिका पर हुआ सार्थक मंथन

इंदौर। “जाग्रत महिला सशक्त भारत” संस्था द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ विषय पर आयोजित विशेष परिचर्चा  होटल सयाजी, इंदौर में आयोजित की गई । नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी को लेकर गहन चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को निर्णय लेने की मुख्यधारा में लाने वाला ऐतिहासिक कदम है। इससे लोकतंत्र और अधिक सशक्त एवं सहभागी बनेगा।” उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश के विकास को नई दिशा देगी।भारत की महिलाओं और बेटियों को संसद में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारतीय राजनीति में बड़े परिवर्तन का संकेत है

कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित वक्ता , मीडियावाला की सम्पादक ,इंदौर लेखक संघ की संस्थापक अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार डॉ स्वाति तिवारी ने कहा कि महिलाएं अशक्त ना कभी थी ना हैं . वे  मूलतः सशक्त थी और हैं .प्रकृति ने उन्हें पुरुष से ज्यादा सशक्त बनाया हैं ,इसलिए वे सृजन के  मुश्किल क्षणों  के बाद नवजात की मुस्कुराहट देख मुस्कुरा देती हैं भूल जाती हैं वे जीवन के सबसे कठिन क्षण से गुजरी थी ,उनकी कार्यक्षमता पुरुषों से ज्यादा हैं ,उनकी सहनशीलता पुरुषों से ज्यादा हैं ,वैज्ञानिक  कहते हैं ऐसा इसलिए हैं कि उनके हारमोंस अलग हैं, सबसे पहले स्त्री सक्षम है वह सशक्त है इसी वैचारिक क्रान्ति को पुनः लाना जरुरी है.इतिहास गवाह है जब जब वैचारिक क्रान्ति आई है तब तब बदलाव हुए हैं ,एक बार फिर स्त्री की सक्षमता को पुनर्स्थापित करती वैचारिक क्रान्ति  ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के रूप में माननीय प्रधान मंत्री जी लाये हैं .नारी शक्ति वंदन अधिनियम, केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं है बल्कि नीति-निर्धारण में अब महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया क्रांतिकारी कदम है  यह अधिनियम देश की महिलाओं को राजनीति में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और अवसर प्रदान करेगा, जिससे वे राष्ट्र निर्माण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।हमें इसका स्वागत करना चाहिए .

कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित सुमित मिश्रा ने कहा कि “यह अधिनियम महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका में स्थापित करने का मजबूत माध्यम बनेगा। अब समय है कि महिलाएं राजनीति में अपनी सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाएं।महिलाओं के लिये विधानसभा और लोकसभा में अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व का मार्ग प्रशस्त होने जा रहा हैं। देश में एक सकारात्मक माहौल बना है। देश की सभी महिलाओं को एक नए युग की बधाई।”

कार्यक्रम की सूत्रधार  ऋतु साहू ने कहा कि “नारी सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से महिलाओं को जो अवसर मिलेगा, वह देश के लोकतंत्र को नई ऊर्जा देगा। दीप्ति सिंह हाड़ा ने कहा कि “महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर चुकी हैं। यह अधिनियम उन्हें और अधिक सशक्त मंच प्रदान करेगा, जिससे वे समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी.
परिचर्चा में उपस्थित वक्ताओं और प्रतिभागियों ने एकमत होकर कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इसे शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता ‘समाचार ग्रह’ की संपादक ऋतु साहू ने की। कार्यक्रम का समापन “सशक्त नारी से बनेगा सशक्त भारत” के संदेश के साथ हुआ, जिसमें महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लोकतंत्र के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा गया। कार्यक्रम में पूनम शर्मा ,डॉ शीतल बडोले ,रचना जोहरी और कई प्रबुद्ध महिलाओं ने अपने विचार रखे .

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