
Rapid Development of Infrastructure : रतलाम मंडल में आधारभूत संरचना का तेजी से विकास!
नई रेल लाइनों, बढ़ी रफ्तार और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार!
Ratlam : रतलाम रेल मंडल द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान आधारभूत संरचना के विकास, यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं सुरक्षा सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के इंजीनियरिंग विभाग ने न केवल नई रेल लाइनों का विस्तार किया है, बल्कि ट्रेनों की गति बढ़ाने, पुलों के मरम्मत करने और यात्री सुविधा जैसे कार्यों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2025-26 में मंडल में कचनारा, दलौदा एवं ढोढर स्टेशनों पर 3 फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया गया है। मेघनगर स्टेशन पर प्रतीक्षालय का उन्नयन किया गया है, जबकि कचनारा स्टेशन पर 02 हाई लेवल प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चंदेरिया स्टेशन भवन का निर्माण एवं खाचरोद स्टेशन पर कवर शेड उपलब्ध कराया गया है। नागदा स्टेशन पर वीआईपी कक्ष का नवीनीकरण तथा रतलाम स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 की सतह में सुधार भी किया गया है।

सुरक्षा के क्षेत्र में 12 मानवयुक्त लेवल क्रॉसिंग बंद की गई हैं तथा 13 लिमिटेड हाइट सबवे का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त 03 रोड ओवर ब्रिज पूर्ण किए गए हैं और 10 लेवल क्रॉसिंग पर रबरयुक्त सड़क सतह प्रदान की गई है। ट्रैक एवं संरचना सुधार के तहत 32 पुलों का पुनर्निर्माण/पुनर्वास किया गया है तथा 1 पुल का री-गर्डिंग कार्य पूरा किया गया है। 6 गर्डरों को पीएससी स्लैब से प्रतिस्थापित किया गया हैं साथ ही 1855 एच-बीम चैनल स्लीपर, 109 थिक वेब स्विच, 62 वेल्डेबल क्रॉसिंग एवं 83 टर्नआउट नवीनीकरण किए गए हैं।
रेल संचालन को सुगम बनाने हेतु 06 कर्व्स का रियलाइन्मेंट किया गया है तथा विभिन्न सेक्शनों में टर्नआउट एवं लूप लाइनों पर गति 15 किमी/घंटा से बढ़ाकर 30 किमी/घंटा की गई है। नई ब्रॉड गेज डबल लाइन परियोजनाओं के अंतर्गत दलौदा-ढोढर, ढोढर-बडायला चौरासी, उज्जैन यार्ड, मलहारगढ़-मंदसौर तथा रतलाम-धोंसवास खंडों में महत्वपूर्ण रेल लाइनों का दोहरीकरण किया गया है। इस वर्ष अब तक कुल 71.832 ट्रैक किलोमीटर रेल खंड में डबलिंग कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

गति वृद्धि के क्षेत्र में भी मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विभिन्न सेक्शनों में कुल 102.92 रूट किलोमीटर में ट्रेनों की अधिकतम गति 90-100 किमी/घंटा से बढ़ाकर 110 किमी/घंटा की गई है, जो निर्धारित वार्षिक लक्ष्य 94 रूट किलोमीटर लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त 59 नए रेलवे आवास निर्मित किए गए हैं तथा 7669.861 मीट्रिक टन स्क्रैप का निष्पादन किया गया है। संरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक मेंटेनेंस पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल का काफी महत्वूपूर्ण कार्य है। इस वित्त वर्ष में इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रैक मेंटेनेंस के अंतर्गत 88.56 ट्रैक किलोमीटर फॉर्मेशन ट्रीटमेंट, 36.99 ट्रैक किलोमीटर पीक्यूआरएस, 9.52 ट्रैक किलोमीटर आईएसडी(रेलवे ट्रैक पर स्लीक्पर के घनत्वट को बढ़ाना) कार्य तथा 248.19 ट्रैक किलोमीटर एलडब्यूईएस आर/सीडब्यूी आर डी-स्ट्रेसिंग कार्य भी सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं। रतलाम मंडल इंजीनियरिंग विभाग की ये उपलब्धियां भारतीय रेल की आधुनिक, सुरक्षित एवं यात्री-केंद्रित सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं!





