निर्मला सप्रे मामले में अध्यक्ष 22 अप्रैल को सुनेंगे नेता प्रतिपक्ष का पक्ष

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निर्मला सप्रे मामले में अध्यक्ष 22 अप्रैल को सुनेंगे नेता प्रतिपक्ष का पक्ष

भोपाल:  बीना से विधायक निर्मला सप्रे के दल-बदल मामले में 22 अप्रैल को विधानसभा अध्यक्ष नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार का पक्ष सुनेंगे। इधर निर्मला सप्रे का कहना है कि वे कोर्ट में जो जवाब पेश कर चुकी है वहीं उनका पक्ष है, उन्हें विधानसभा की ओर से सुनवाई के लिए कोई सूचना नहीं मिली है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कोर्ट में याचिका लगाते हुए कांग्रेस की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे का निर्वाचन शून्य करने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने तीस जून 2024 को विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के समक्ष इस संबंध में आवेदन दिया था लेकिन नब्बे दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्मला सप्रे पाटी विरोधी गतिविधियों में शामिल रही है और पांच मई 2024 को राहतगढ़ में मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम में उनके मंच पर उपस्थित होंने का उल्लेख भी इस याचिका में किया गया है।

याचिकाकर्ता का दावा है कि सप्रे भाजपा में शामिल हो चुकी है बावजूद इसके उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया। इसे दल बदल कानून के तहत गैर कानूनी बताया गया है और उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की गई है।

इधर राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया है कि विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ दल बदल कानून के तहत कार्रवाई से संबंधित आवेदन पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने 22 अप्रैल को सुनवाई निर्धारित की है। सरकार के जवाब को रिकार्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को निर्धारित की है। अदालत ने फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है।

इस संबंध में जब निर्मला सप्रे से बात की गई तो उनका कहना था कि उन्होंने कोर्ट में जो जवाब दिया है वहीं उनका पक्ष है और 22 अप्रेल को विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें सुनवाई के लिए नहीं बुलाया है। इस संबंध में कोई सूचना उन्हें नहीं मिली है। विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने बताया कि अध्यक्ष ने इस मामले में सुनवाई के लिए 22 अप्रैल को नेता प्रतिपक्ष को बुलाया है। विधानसभा सचिवालय ने विधायक निर्मला सप्रे को कल सुनवाई के लिए नहीं बुलाया है। नेता प्रतिपक्ष से इस मामले में उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए प्रयास किया गया लेकिन वे फोन पर उपलब्ध नहीं हो सके।