मन्दसौर जिले में बंद पड़ी 60 से अधिक सहकारी सोसायटियों के पंजीयन होंगे निरस्त

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मन्दसौर जिले में बंद पड़ी 60 से अधिक सहकारी सोसायटियों के पंजीयन होंगे निरस्त

कार्यवाही के संबंध में 10 दिनों में आपत्ति उपायुक्‍त सहकारिता को प्रस्तुत करें

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट

मंदसौर/ जिले भर में कोई साठ से अधिक बंद पड़ी सहकारी सोसायटियों के पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही प्रभावशील हो रही है जिला सहकारिता उप आयुक्‍त श्री परमानंद गोडरिया द्वारा बताया गया कि आयुक्‍त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्‍थाऐ म.प्र. भोपाल के निर्देशानुसार उपायुक्‍त सहकारिता मंदसौर द्वारा जिले में पहली बार बड़े स्तर पर ऐसी कार्यवाही की जा रही है।

विगत कई वर्षों से जो सोसायटियां बन्द होकर परिसमापन में थी, उन सभी सोसायटियों के पंजीयन निरस्त कर सहकारिता पटल से उनका अस्तित्व समाप्त किया जा रहा है। जिन सोसायटियों में यह कार्यवाही होने जा रही है। उनमें जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों की सोसायटी शामिल हैं।

जिसमें प्रमुख रूप से कार्यवाही प्रचलित है उनमें दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित पीर गुराडिया, लखमाखेड़ी, फतेहपुर, टिडवास, आंत्रीखुर्द, कांचरिया चन्द्रावत, बोतलगंज, हरमाला, कचनारा (मल्हारगढ़), नारायणगढ़-2, मुवाला, भोलिया-2, श्री कृष्ण महिला रिछा, बेलारा, उदपुरा, भालोट-2, लामगरा-2, चिपलाना ढलमु मगरा, अर्निया गौड, कवला, गांगसी, ओसरना, चचावदा साठिया, कुण्डला खुर्द, आंवरा, बोरखेड़ी घाटा, निपानिया, धामनिया झाली, गोपालपुरा, चम्बल चौराहा (भानपुरा), पिपलिया जति, गरोठ, लसुड़िया, श्रीनगर, असावती, बगचाच, छायन, पिपलखुटा, ढाबा, मगराना, खोडाना, डोराना, कांचरिया कदमाला रूपारेल, सिंदपन सौंधिया, पाडलिया लालमुंहा, सार्थक साख मंदसौर, ग्रामीण विकास साख संस्था बरखेडा देव डुंगरी, कंचन साख मंदसौर, प्रबल नीधि साख मंदसौर, सांवलिया बीज धमनार-2, जय बालाजी बीज राणाखेड़ा, सांवलिया बीज नारायणगढ, कृषक कल्याण बीज बर्डिया इस्तमुरार, शिवकृपा बीज मकडावन, स्टील फर्नीचर उद्योग दलौदा, आदि सभी संस्थाओ के पंजीयन निरस्त किये जाने है।

सहकारिता के उपायुक्त द्वारा इन संस्थाओं से संबंधित कर्ता-धर्ता और सदस्यों को सूचित किया जा रहा है कि किसी को इस कार्यवाही के संबंध में कोई आपत्ति हो या अपना पक्ष समर्थन रखना हो तो वह एक सप्ताह के भीतर उपायुक्त सहकारिता जिला मंदसौर मित्र वत्सला रामटेकरी में उपस्थित होकर कार्यालयीन समय में अपना पक्ष रख सकते है। सभी संस्थाओं को समाप्त करने के लिये इसी माह मई 2026 की समय सीमा तय की गई है। पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही युद्ध स्तर पर की जा रही है।