
रेलखंड पर चल रही एक्सप्रेस ट्रेनों का समय संचालन सही नहीं होने से यात्रियों को नहीं मिल रही उपयोगी रेल सुविधाएं!
झाबुआ से राजेश सोनी की रिपोर्ट!
Jhabua : रतलाम-दाहोद रेलखण्ड पर फिलहाल चल रही प्रमुख रेलगाडियों का जो समय संचालन रेल्वे द्वारा किया जा रहा है वह आम रेलयात्रियों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रहा हैं। दाहोद से रतलाम की और सुबह के समय में अवन्तिका, अवध एवं देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन को कुछ देर के अंतराल में ही चलाए जाने से आम यात्री इन प्रमुख रेलगाडियों का उचित लाभ नहीं ले पा रहें हैं। अवन्तिका एक्सप्रेस से भी नीमच एवं राजस्थान की और एवं भोपाल की और मिलने वाले लिंक रेलगाडियों के कनेक्शन भी बदले समय की वजह से नहीं मिल पा रहे है।
दाहोद-रतलाम-उज्जैन मेमू ट्रेन का भी समय परिवर्तन कर देने के बाद इस ट्रेन का भी रतलाम पूर्व समय से देरी से लगभग रात्रि 8 बजे या उसके बाद रतलाम पहुंच रही है। जिसके साथ ही जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन हैं इसी तरह उज्जैन रतलाम दाहोद मेमू रेलगाडी का समय रतलाम से सुबह लगभग 8.30 बजे है जिसके कुछ ही देर बाद हरिद्वार-मुम्बई-देहरादून ट्रेन निकलती है। तदूपरांत सांय तक कोई भी ट्रेन इस रेलखंड पर नहीं है। सांध्य पार्सल, डेमू, अवन्तिका एवं रात्रिकालीन मेमू रेलगाडियां भी लगातार कुछ अंतराल में ही चल रही है। अदूरदर्शी निर्णय से महज कुछ समय अंतराल में लगातार रेल सुविधा है तो बाकी समय में ट्रेन सुविधा ही नहीं है। क्षेत्रवासियों ने दाहोद-रतलाम रेलखंड पर एक लोकल ट्रेन चलाने की मांग की है जो गुजरात मध्य-प्रदेश और नीमच चित्तौडगढ की और आने-जाने में राजस्थान को भी जोड सके। तीन राज्यों को जोडने वाली लोकल ट्रेन आमयात्रियों के लिए बहुपयोगी साबित होगी। गौरतलब है कि 5 जून को पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक एवं मंडल के कुल 17 सांसदों की एक प्रस्तावित बैठक मंडल कार्यालय रतलाम में होने जा रही हैं जिसमे शिकायत, समस्या एवं सुझाव के मुद्दे रहेंगे, क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि बैठक मे इस रेलखंड पर यात्रियों की सुविधाओ को लेकर कोई निर्णय हो सकेगा!
क्षेत्रवासियों को नहीं मिला लाभ!
इस रेलखंड पर दाहोद से रतलाम की और चलने वाली तीनों प्रमुख ट्रेनों को प्रातःकाल में न्यूनतम समय अवधि में चलाया जा रहा है। प्रातःकाल में ही न्यूनतम समय अवधि में तीन प्रमुख ट्रेनों के संचालन से आम यात्रियों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है साथ ही रतलाम से नीमच, राजस्थान की और जाने वाले यात्रियों के लिए भी कोई लिंक तय नहीं की गई है। अवन्तिका के रतलाम पहुंचने से पहले ही भोपाल की इंटरसिटी निकल जाती है इस तरह भोपाल तक की लिंक रेल सुविधा भी अब नहीं मिल पा रही है। इसी तरह से रतलाम से दाहोद की और भी मेमू और देहरादून एक्सप्रेस को कुछ अंतराल में चलाए जाने से दिनभर कोई रेल सुविधा नहीं है।

सांयकालीन मेमू का समय पूर्ववत हो!
दाहोद-रतलाम-उज्जैन मेमू ट्रेन इस रेलखंड के लिए जीवन-रेखा साबित हुई है किन्तु रेल्वे इस महत्वपूर्ण ट्रेन को लेकर भी आम यात्रियों की सुविधा के प्रति सजग नहीं है। इस महत्वपूर्ण ट्रेन के समय परिचालन के साथ भी बार-बार छेडछाड करते हुए सांय के समय में रतलाम और उसके बाद उज्जैन तक पहुंचने में यात्रियों के तकलीफदायक बना दी गई है। पूर्व में यह ट्रेन दाहोद से लगभग 4.30 बजे चलती थी। इस ट्रेन का समय पूर्व की तरह दाहोद से किए जाने की मांग है।
रात्रिकालीन मेमू के भी यही हाल!
दाहोद से रतलाम एवं रतलाम से दाहोद तक चलने वाली रात्रिकालीन मेमू का पूर्व समय से बदलकर रतलाम से दाहोद की और रात्रि लगभग 9.30 बजे चलाया जा रहा है जबकि उसके पूर्व भोपाल-रतलाम-दाहोद डेमू और अवन्तिका एक्सप्रेस चलती है जिससे यह ट्रेन यात्रियों के लिए न्यूनतम उपयोग में आती हैं।

लोकल ट्रेन की उठी मांग!
दाहोद-रतलाम रेलखंड पर एक नई लोकल ट्रेन चलाए जाने की मांग लम्बे से क्षेत्रवासियों के द्वारा की जा रही है। नई लोकल ट्रेन दाहोद से रतलाम होते हुए नीमच चित्तौडगढ तक चले जिससे गुजरात मध्य-प्रदेश और राजस्थान के रूप में तीन राज्यों के आमयात्रियों को इसका बहुपयोगी लाभ मिल सकेगा। झाबुआ अलिराजपुर क्षेत्र से हजारों की संख्या में श्रद्वालु सांवरियाजी, बाबा रामदेव और खाटूश्याम जाते है। तीन राज्यों को जोडने वाली लोकल ट्रेन मिल जाने से आम यात्रियों के साथ ही इन तीनों धाम के प्रति आस्था रखने वाले श्रद्वालुओं को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
क्या कहती हैं सांसद!
दाहोद रतलाम रेलखण्ड पर रेलगाडियों का सुविधाजनक समय संचालन और नई लोकल ट्रेन चलाए जाने की मांग को लेकर आवश्यक प्रयास किए जाएगें।
अनिता नागरसिंह चौहान, सांसद रतलाम-झाबुआ!
नई ट्रेन चलाने और रेलगाडी के समय में परिवर्तन का कार्य वरिप्ठ कार्यालय द्वारा किया जाता हैं।
मुकेश कुमार, जनसम्पर्क अधिकारी, रतलाम रेलमण्डल!




