TMC leader video viral: साड़ियों के ढेर में छिपा TMC नेता,फिर भी पुलिस से बच नहीं पाया

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TMC leader video viral:साड़ियों के ढेर में छिपा TMC नेता,फिर भी पुलिस से बच नहीं पाया

तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता साड़ियों के ढेर के नीचे छिपे मिले. सरकारी योजना में कथित कट मनी और अन्य आरोपों की जांच के सिलसिले में पुलिस को उनकी तलाश थी. 

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और फिल्मी अंदाज की घटना सामने आई है.  जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यहां ‘कटमनी’ के आरोप में घिरे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक स्थानीय नेता को पुलिस ने बेहद नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी से बचने के लिए नेता ने ऐसी जगह चुनी जिसे सोचकर पुलिस भी हैरान रह गई. आरोपी नेता ने पुलिस को चकमा देने के लिए इलाके की एक कपड़े के गोदाम में साड़ियों के बड़े से ढेर के नीचे जाकर छिप गए थे. हालांकि,वह पुलिस की नजरों से नहीं बच सका. पुलिस ने साड़ियों के बंडल हटाकर नेता को खोज निकाला और गिरफ्तार कर लिया.

 साड़ियों के ढेरके निचे  छुपे हुए थे TMC नेता

सोशल मीडिया पर गिरफ्तारी का यह वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है. जिसमें देखा जा सकता है कि गिरफ्तार होने के डर से ब्रह्मानंद चक्रवर्ती इलाके के एक कपड़े की दुकान के भीतर साड़ियों के बड़े ढेर के नीचे  छिप गए.  हालांकि उनकी यह कोशिश सफल नहीं हुई.

 

पुलिस को सूचना मिलने जब वह दुकान के अंदर पहुंची तो वहां नेता की तलाशी के लिए अभियान चलाया. ऐसे में उन्हें स्टोर रूम में रखे साड़ियों के ढेर को देखकर उसपर संदेह हुआ. इसी के साथ उन्होंने ढेर में रखी दो से तीन साड़ियों को ऊपर से हटाया  ब्रह्मानंद चक्रवर्ती उन्हीं साड़ियों के ढेर के नीचे छिपे मिले.  पुलिस ने उन्हें वहीं से गिरफ्तार कर लिया.

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने  ब्रह्मानंद चक्रवर्ती पर आवास योजना की राशि से कथित तौर पर कमीशन (कटमनी) वसूलने का आरोप लगाया था. इस संबंध में थाने में उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज  कराई थी. जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी. इसके अलावा  ब्रह्मानंद चक्रवर्ती पर 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई राजनीतिक हिंसा से जुड़े आरोप भी हैं. TMC नेता  का साड़ियों के ढेर के नीचे से बाहर निकालने का दृश्य कैमरे में कैद हो गया. जो अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है