
MP News: मुख्य सचिव के अनुमोदन से ही प्रदेश के बाहर यात्राएं कर पाएंगे सरकारी अफसर
भोपाल: प्रदेश के सरकारी विभागों में काम कर रहे अफसरों की अन्य राज्यों की यात्राओं पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। विभागोें के सचिवों को प्रदेश के बाहर शासकीय कार्य हेतु यात्रा करना है तो इसके लिए अब मुख्य सचिव अनुराग जैन का अनुमोदन लेना जरुरी होगा। जो काम वीडियो कांफ्रेसिंग अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों से संभव होंगे वहां की भौतिक यात्राओं पर रोक लगाई जाएगी।
मुख्य सचिव अनुराग जैन के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने सरकारी अफसरों की सरकारी यात्राओं पर होंने वाले खर्च को कम करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए है।
विभागों के सचिव अपने अधीनस्थों की प्रदेश के बाहर की यात्राएं अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही स्वीकृत करेंगे। सचिव प्रदेश के बाहर सरकारी यात्रा पर तब ही जा पाएंगे जब मुख्य सचिव उनकी इस यात्रा को सहमति प्रदान कर इसका अनुमोदन कर दे। सभी सरकारी विभागों को कहा गया है कि भारत सरकार से संबंधित प्रकरणों के अनुसरण हेतु आवासीय आयुक्त नई दिल्ली, मुंबई की सहायता लें। विभागों के सचिव प्रदेश की बाहर मंजूर यात्राओं की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से मुख्य सचिव को प्रस्तुत करेंगे। इस संबंध में सभी विभागों को कार्यवाही करना और सामान्य प्रशासन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इससे विभागों से जुड़े छोटे-मोटें कामों और कोर्ट की पैरवी के लिए अक्सर जमकर यात्राएं करने वाले अफसरों पर शिकंजा कसा जाएगा। जिले और जिस स्थान पर कोर्ट है वहां नोडल अधिकारी और महाधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता की मदद से इन कामों को अंजाम दिया जाएगा और यात्राओं को रोका जाएगा।
*कार्यालय आने सार्वजनिक परिवहन का उपयोग-*
प्रदेश के सरकारी विभागों में काम कर रहे शासकीय अधिकारियें और कर्मचारियों को कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह निर्देश स्वैच्छिक होगा इसके लिए किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बाध्य नहीं किया जाएगा। वे स्वेच्छा से ऐसा करे इसके लिए प्रयास करना होगा। इस संबंध में सभी सरकारी विभागों को समन्वित प्रयास करना होगा।
वीसी और हाईब्रिड मोड से बैठकों को बढ़ावा-
विभागीय बैठकों, कार्यशालाओ, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सेमिनारों का आयोजन यथासंभव वीडियो कांफ्रेसिंग अथवा हाईब्रिड माध्यम से किया जाएगा ताकि अनावश्यक यात्रा और खर्चो में कमी की जा सके। इसके लिए नोडल विभाग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग होगा। सारे विभागों को यह करने के निर्देश दिए गए है। इससे बैठकों के लिए अफसरों को अनावश्यक अपने कार्यालय नहीं छोड़ने पड़ेंगे। इससे कलेक्टर-कमिश्नर के कार्यालय में पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों को अफसरों के बैठकों में व्यस्त होंने के कारण बिना मिले वापस नहीं आना होगा। नागरिकों के कार्य भी तेजी से संपादित हो सकेंगे।





