
Mandsaur News:- पिपलियामंडी में 32 दुकानों से व्यापारियों एवं किसानों को मिलेगा सीधा लाभ : – उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा
उप मुख्यमंत्री ने कृषि उपज मंडी पिपलियामंडी में 1 करोड़ 77 लाख से निर्मित 32 दुकानों का लोकार्पण किया
मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर/ जिले के मल्हारगढ़ विधायक एवं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने रविवार को कृषि उपज मंडी पिपलियामंडी में लगभग 1 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से निर्मित 32 कैश काउंटर (सैंड्री शॉप) दुकानों का लोकार्पण किया। ये दुकानें व्यापारियों के लिए कैश काउंटर के रूप में उपयोग की जाएंगी, जहां से किसानों को उनकी उपज का भुगतान किया जाएगा।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री सुधीर गुप्ता, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, इंदिरा सुनील देवरिया पुष्पा कन्हैया लाल पाटीदार तेजपाल सिंह धाकड़ी दिलीप धनराज गुप्ता मानसिंह माछोपुरिया राकेश पाटीदार जनप्रतिनिधिगण, मंडी व्यापारी संघ के पदाधिकारी, व्यापारी एवं किसान उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि इन 32 दुकानों के लोकार्पण से व्यापारियों एवं किसानों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा तथा किसानों को भुगतान की प्रक्रिया अधिक सुगम और व्यवस्थित होगी। उन्होंने कहा कि पिपलियामंडी कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा और मंडी की सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। साथ ही मंडी के विकास के लिए भेजे गए 2.5 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृति दिलाई जाएगी।


उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडियों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और आज अधिकांश मंडियां आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिसंबर 2026 तक गांधी सागर का पानी हर खेत तक पहुंचाने का लक्ष्य पूरा होगा। इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण सहित आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

लोकसभा सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल है। भारत विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और इसका लाभ प्रत्येक परिवार तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक देश से गरीबी समाप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है। पिछले 12 वर्षों में देशभर में 500 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं तथा 25 एम्स संचालित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना से लाखों लोगों को जीवनरक्षक उपचार मिल रहा है, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का कम से कम उपयोग करने तथा प्राकृतिक खेती अपनाने का भी आग्रह किया।





