
Panna News: पवई में कपड़ा व्यवसायी के पुत्र के अपहरण का सनसनीखेज खुलासा, दोस्त ही निकला किडनैपर..
पन्ना: पन्ना जिले के पवई नगर में शनिवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब झंडा बाजार स्थित राजेश डेंगरे कपड़ा व्यवसायी के पुत्र के कथित अपहरण की सूचना सामने आई। शुरुआती तौर पर मामला फिरौती के लिए अपहरण का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते महज आठ घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा हो गया। जांच में सामने आया कि युवक का अपहरण किसी अजनबी ने नहीं, बल्कि उसके ही दोस्त और क्लासमेट ने किया था।
जानकारी के अनुसार, झंडा बाजार निवासी कपड़ा व्यवसायी का पुत्र अंशुल डेंगरे उर्फ कान्हा शनिवार शाम लगभग 8 बजे आरोपी के साथ मोटरसाइकिल से घर से निकला था। इसके करीब आधे घंटे बाद, रात 8:30 बजे अंशुल के ही मोबाइल फोन से उसके पिता के पास कॉल आया। फोन करने वाले ने अंशुल के अपहरण की बात कहते हुए उसकी सुरक्षित रिहाई के बदले 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। बेटे के अपहरण की खबर सुनते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल इसकी सूचना पवई पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पवई पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने बिना समय गंवाए मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और तकनीकी जांच शुरू की। वहीं, अपहृत युवक के पिता से लगातार संपर्क बनाए रखा गया। आरोपियों के दबाव में आकर परिजनों ने 1 लाख 40 हजार रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में जमा भी कर दिए, ताकि बेटे की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके।
लगातार तकनीकी निगरानी और सघन तलाश के बाद पुलिस ने पवई से लगभग 15 किलोमीटर दूर हथकुरी के समीप अंशुल को सुरक्षित बरामद कर लिया। यह पूरी कार्रवाई घटना के लगभग आठ घंटे के भीतर पूरी कर ली गई।
बरामद होने के बाद अंशुल ने पुलिस को बताया कि उसे कट्टा (देशी पिस्तौल) दिखाकर डराया-धमकाया गया था और उसके पिता से फिरौती मांगने के लिए मजबूर किया गया। जांच के दौरान जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई, वह यह थी कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड अंशुल का क्लासमेट और करीबी दोस्त ही निकला। दोस्ती के भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने इस वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही फिरौती के रूप में जमा कराई गई राशि और वारदात में प्रयुक्त अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अपराधी कोई भी हो सकता है, यहां तक कि सबसे करीबी दोस्त भी। वहीं, पवई पुलिस की तत्परता, तकनीकी जांच और तेज कार्रवाई के चलते एक बड़ी वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा हो गया और युवक को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया जा सका।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद इस सनसनीखेज अपहरण कांड से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा होने की संभावना है।
*-क्या कहती है शक की सुई..*
झंडा बाजार अपहरण कांड ने जिस तरह पवई नगर की हृदय स्थल में दहशत का माहौल पैदा कर दिया वह आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अंशुल उर्फ कान्हा मोबाइल से संबंधित कुछ कार्य करता था और इस मोबाइल को लेने के चक्कर में दोस्त ने उसे मोटरसाइकिल पर बैठाया तथा ले गया क्योंकि आरोपी एवं अंशुल एक ही क्लास में पढ़ते थे एवं दोस्त भी थे। इसलिए इस नाटकीय किडनैपिंग कांड को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है।





