
राशन माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा: 6 दुकानों पर लाखों का जुर्माना, 7 दिन में पैसे जमा नहीं हुए तो जब्त होगी संपत्ति
भोपाल।
राजधानी में गरीबों के हक के राशन में गड़बड़ी करने वाले उचित मूल्य दुकान संचालकों और राशन माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की जांच में छह शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न की हेराफेरी, स्टॉक में भारी कमी और सरकारी राशन के अवैध डायवर्जन के मामले सामने आने के बाद लाखों रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इनमें से दो दुकानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया है। विभाग ने कई संचालकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी तैयारी की जा रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के राशन विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जांच के दौरान कई दुकानों में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। सरकारी गेहूं, चावल, नमक और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की अनियमितता उजागर होने पर संबंधित संचालकों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई।
इन पर हुई बड़ी कार्रवाई
– रजनी महिला सहकारी भंडार में सरकारी रिकॉर्ड व वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर, राशन गबन पाए जाने पर दुकान को निलंबित कर 12 लाख 20 हजार का जुर्माना लगाया गया।
– मयंक महिला सहकारी भंडार में बड़ी मात्रा में राशन गायब मिलने पर दुकान को निलंबित करते हुए 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
– विनीता महिला सहकारी भंडार पर चार वर्षों से बकाया 4 लाख 58 हजार रुपए की राशि जमा नहीं करने पर अंतिम चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने 15 दिन के भीतर राशि जमा नहीं करने पर दुकान का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त करने की चेतावनी दी है।
– जय लक्ष्मी उपभोक्ता भंडार पर राशन की कालाबाजारी और विभागीय आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में 2 लाख 42 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। राशि जमा नहीं करने पर संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।
– सूरज महिला सहकारी भंडार में सरकारी अनाज का गबन करने पर 1.65 लाख रुपए और छत्रसाल महिला सहकारी भंडार पर गरीबों का अनाज दूसरी जगह बेचने पर 1.58 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।




