ED in Action: 28 करोड़ का सरगुजा सहकारी बैंक घोटाला- ED ने जांच शुरु की

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ED in Action: 28 करोड़ का सरगुजा सहकारी बैंक घोटाला- ED ने जांच शुरु की

 

विनोद काशिव की रिपोर्ट 

रायपुर। ED in Action: छत्तीसगढ़ में 28 करोड़ के सरगुजा सहकारी बैंक घोटाला घोटाले मामले की केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच शुरु कर दी है।

सरगुजा जिले के जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की विभिन्न शाखाओं में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुरू कर दी है। एक साल पहले सामने आए इस बड़े घोटाले में बैंक की कुसमी और शंकरगढ़ शाखाओं के खातों की जांच में लगभग 28 करोड़ रुपये की अनियमितता उजागर हुई थी। उस समय तत्कालीन कलेक्टर ने मामले की जांच करवाई थी। जांच के बाद बैंक मैनेजर सहित 12 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर ने घोटाले की जांच ED या CBI से कराने की अनुशंसा की थी। राज्य शासन द्वारा पत्र भेजे जाने के बाद अब ED ने जांच की मंजूरी दे दी है।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2012 से 2024 के बीच कुसमी और शंकरगढ़ शाखाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी हुई। मुख्य आरोपी शंकरगढ़ शाखा के प्रबंधक अशोक कुमार सोनी ने फर्जी खाते खोलकर समितियों और अन्य खातों से रकम का दुरुपयोग किया।

जांच में सामने आया कि आदिम जाति सहकारी समिति जमड़ी के नाम पर बिना दस्तावेज खाता खोलकर उसमें 19.24 करोड़ रुपये जमा किए गए और लगभग पूरी राशि निकाल ली गई। वहीं जमुना अलंकार मंदिर, अंबिकापुर के नाम पर RTGS के माध्यम से 1.82 करोड़ रुपये 52 ट्रांजैक्शन में भेजे गए, जिनमें से 44 के वाउचर नहीं मिले। कुसमी शाखा में नरेगा धनेशपुर के नाम पर फर्जी खाता खोलकर 3.19 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। जनपद पंचायत शंकरगढ़ के नाम पर फर्जी खाता खोलकर 91.57 लाख रुपये जमा कर निकाल लिए गए। इसके अलावा, आरोपियों के निजी और अन्य खातों में भी रकम ट्रांसफर की गई, जिनमें अशोक कुमार सोनी के खाते में 1.36 करोड़ रुपये, कंप्यूटर ऑपरेटर प्रकाश कुमार सिंह के खाते में 4.64 लाख रुपये और महामाया कंस्ट्रक्शन कंपनी के खाते में 30 लाख रुपये भेजे जाने की पुष्टि हुई है।

ED की जांच में और भी कुछ नए तथ्य सामने आ सकते हैं।