Finance Department Instructions: वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को खर्च कम करने के उपाय लागू करने के दिए निर्देश,बैंकों को लॉकडाउन जैसे निर्देश

इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने की भी अपील

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Finance Department Instructions: वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को खर्च कम करने के उपाय लागू करने के दिए निर्देश,बैंकों को लॉकडाउन जैसे निर्देश

नई दिल्ली. Finance Department Instructions: वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को खर्च कम करने के उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। बैंकों को लॉकडाउन जैसे निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने की भी अपील की है।
पता चला है कि सरकारी आदेश में लागत कम करने के निर्देश दिए गए. इसके तहत लागू किए जाने वाले उपायों में अधिकारियों की विदेश यात्राएं कम करने से लेकर, बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का ज्यादा उपयोग और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्टिंग करना शामिल हैं. वित्तीय सेवा विभाग द्वारा सोमवार को जारी किया गया यह आदेश स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) समेत अन्य फाइनेंस और इंश्योरेंस फर्मों पर लागू होगा.
*विदेश यात्रा में करें कटौती :* सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले नए उपायों के तहत सभी बैठकें, काम-प्रोजेक्स की समीक्षाएं और सुझावों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग आयोजित की जानी चाहिए, जब तक कि शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य न हो. इसके अलावा चेयरमैन, एमडी या CEO समेत अन्य टॉप ऑफिशियल की विदेश यात्रा निर्धारित लिमिट से कम रखी जानी चाहिए, और जहां तक ​​संभव हो, विदेशी कार्यक्रमों में वर्चुअल तौर पर भाग लिया जाना चाहिए.
*इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल:* सरकार की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने की भी अपील की गई है. जारी आदेश में कहा गया है कि सभी संगठनों को अपने हेडक्वाटरों और ब्रांचों के लिए किराए पर अटैच किए गए पेट्रोल और डीजल वाहनों को जितना संभव हो इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का टारगेट सेट करना चाहिए.
गौरतलब है कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों और देश के नागरिकों से कोरोना महामारी के दौरान लागू किए गए उपायों की तरह वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन बैठकें और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को फिर से शुरू करने का आग्रह किया था, उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित में उठाया जाने वाला कदम करार दिया था.
पीएम मोदी ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और ग्लोबल अस्थिरता भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाल रही हैं. दुनिया की तेल-गैस जरूरत के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट और इसके आसपास रुकावट ने तेल आयात पर निर्भर भारत जैसे देशों की चिंता बढ़ाने का काम किया है. अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने मेट्रो कनेक्टिविटी वाले शहरों के लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और निजी वाहनों का अनावश्यक उपयोग न करने की अपील की थी. इसके अलावा पीएम ने मिडिल क्लास से विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए कम से कम एक वर्ष तक विदेश यात्रा न करने, एक वर्ष तक सोना न खरीदने और भारत में निर्मित उत्पादों की खरीदने की अपील की थी.