Hastimal Hasti Samman : डॉ नंदलाल पाठक को पहला ‘हस्तीमल हस्ती सम्मान!’ 

उनकी गजलों में फकीरी और बादशाही का अनोखा संगम!

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Hastimal Hasti Samman : डॉ नंदलाल पाठक को पहला ‘हस्तीमल हस्ती सम्मान!’ 

Mumbai : ‘गजल दरअसल राग अनुराग का मेल है। शायरी ख़ुदकशी का धंधा है’। यह विचार प्रख्यात गजलकार डॉ नंदलाल पाठक ने ‘अनभै’ (संपादक:डॉ हूबनाथ पांडेय) के ‘गजलकार नंदलाल पाठक विशेषांक’ (अतिथि संपादक:राकेश शर्मा) के लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किए।

इस मौके पर राकेश शर्मा ने कहा कि नंदलाल पाठक जी एक दुर्लभ रचनाकार हैं जिनसे हम जैसे रचनाकार लगातार प्रेरणा लेते हैं।’ रमन मिश्र ने कहा कि पाठक जी की गजलों में पारदर्शिता भी है, रहस्यमयता भी। उनका व्यक्तित्व विरल है।’ कथाकार, पत्रकार हरीश पाठक ने कहा कि पाठक जी का व्यक्तित्व और कृतित्व दोनों अनूठे हैं। वे आत्मीयता से सराबोर रचनाकार हैं जो नए रचनाकार को प्यार भी देते हैं, नसीहत भी।

डॉ हूबनाथ पांडेय ने कहा कि उनकी गजलों में फकीरी और बादशाही का संगम है। उन्होंने पहले हस्तीमल हस्ती सम्मान नंदलाल पाठक जी को देने की घोषणा की। 11 मार्च को हस्ती जी के जन्मदिन पर यह सम्मान दिया जाएगा। डॉ सुमन जैन, डॉ अर्जुन घरत, डॉ अंबरीश सिन्हा, श्याम बाबू सिंह, रेखा बब्बल, डॉ केके मिश्र, अवधेश कुमार राय, रत्न शंकर पांडेय, प्रशांत जैन व अभय दोषी ने भी अपने विचार रखे।