
Indore Lokayukta Trap: केसीसी लोन रिन्यू करने के नाम पर 20 हजार रुपये रिश्वत लेते सहकारी संस्था के 2 कर्मचारी लोकायुक्त के हत्थे चढ़े
इंदौर: भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोकायुक्त इंदौर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवा सहकारी संस्था के दो कर्मचारियों को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने किसान से केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण का नवीनीकरण करने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
लोकायुक्त इंदौर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, देपालपुर तहसील के ग्राम कुनघारा निवासी 62 वर्षीय किसान जाकिर हुसैन पटेल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने वर्ष 2024 में केसीसी के तहत 2 लाख रुपये का ऋण लिया था। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं होने के कारण वर्ष 2026 में ऋण नवीनीकरण के लिए उन्हें ब्याज सहित 2 लाख 30 हजार रुपये जमा करना थे।
शिकायत में बताया गया कि सेवा सहकारी संस्था मर्यादित अत्याना, गौतमपुरा में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रभारी समिति प्रबंधक अमन जोशी तथा सहायक समिति प्रबंधक रमेशचंद्र पंड्या ने ऋण रिन्यू करने की प्रक्रिया पूरी करने के बदले 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर राजेश सहाय के निर्देशन में ट्रैप दल का गठन किया गया। शुक्रवार को योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त टीम ने गौतमपुरा स्थित संस्था कार्यालय में किसान से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय दोनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
लोकायुक्त ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक प्रतिभा तोमर के नेतृत्व में आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, शैलेंद्र सिंह बघेल, आशीष नायडू, कमलेश परिहार एवं मनीष माथुर शामिल रहे।
लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की जाए, ताकि भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके।





