MP News: 241 कृषि उपज मंडियों की आय में कमी, अवैध भंडारण, मंडी शुल्क चोरी रोकने सख्त होगी निगरानी

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MP News: 241 कृषि उपज मंडियों की आय में कमी, अवैध भंडारण, मंडी शुल्क चोरी रोकने सख्त होगी निगरानी

भोपाल:  प्रदेश की 241 कृषि उपज मंडियां वार्षिक मंडी फीस लक्ष्य प्राप्त करने में असफल रही है। इन सभी मंडी समितियों के सचिवोें को निर्देशित किया गया है कि वे मंडियों के क्षेत्रों के गोदाम, प्रतिष्ठान, प्रसंस्करण इकाईयों का नियमित सघन निरीक्षण कर अवैध भँडारण, अपंजीकृत संव्यवहार एवं मंडी शुल्क चोरी की जांच करें। कृषि उपज के परिवहन पर सतत निगरानी कर मंडी शुल्क की शत प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करें।

मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कुंमार पुरुषोत्तम ने सभी मंडी सचिवों को निर्देशित किया है कि निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति में शिथिलता, उदासीनता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध व्यक्तिगत उत्तरदायित्व निर्धारित कर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

आवंटित मंडी फीस आय लक्ष्य की शतप्रतिशत पूर्ति हेतु तत्काल प्रभाव से ठोस, प्रभवी एवं परिणमोन्मुखी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया है वित्तीय वर्ष की शेष अवधि के लिए शेष लक्ष्य का दैनिक आधार पर विभाजन कर प्रत्येक दिवस का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और उसकी दैनिक समीक्षा करने के निर्देश भी उन्होंने दिए है। सभी मंडियों को मंडी शुल्क वसूली के लिए वार्षिक लक्ष्य दिए गए है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मंडियों के बाहर बिक रहे अनाज की जांच कर कार्यवाही करने को कहा गया है। प्रसंसकरण इकाईयों का निरीक्षण करने, गोदामों, भंडारगृहों का निरीक्षण कर ऐसे जनाज जिन्हें बेचा जाना है या बेचा गया बताया गया है और मंडी शुल्क नहीं दिया गया है इसमें जांच कर कार्यवाही करने को कहा गया है।

लक्ष्य का पचास प्रतिशत भी पूरा नहीं कर पाई ये मंडियां-रेहटी मंडी लक्ष्य से 57.81 प्रतिशत पीछे रही है।सुठालिया मंडी लक्ष्य से 120.3 प्रतिशत पीछे है।बनखेड़ी मंडी 52.86, बाबई मंडी 59.83, इंदौर मंडी 54.32,मंदसौर मंडी 51.84, पिपल्या मंडी 57.58, भानपुरा मंडी 178.93, सुवासरा मंडी 152.74, मक्सी मंडी 59.81, रन्नौद मंडी 217.84, सबलगढ़ मंडी 50.26, जौरा मंडी 100.67, बानमोरकला मंडी 277.37, विजयपुर मंडी 53.04, पलेरा मंडी 63.61, सिहोरा मंडी 52.15,बालाघाट मंडी 56.20, परसवाड़ा मंडी 50.50,सौंसर 58.04, डिंडौरी 56.07 प्रतिशत वार्षिक लक्ष्य से पीछे रही है।