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किराएदारों के मुताबिक, राजेंद्र आए दिन पत्नी से झगड़ा करता था। दूसरी शादी करने की बात करता था। उसे किसी तांत्रिक ने बताया था कि पत्नी तरक्की में बाधा है। इस वजह से वह अक्सर पत्नी से झगड़ता रहता था। राजेंद्र की मां काफी बुजुर्ग होने के चलते वह ठीक से न तो बोल पा रहीं और न चल-फिर पा रही हैं। अभी घर में सिर्फ वही बची हैं। पुलिस ने करीब आधे घंटे तक पूछताछ की है। हालांकि, वह ज्यादा कुछ बता नहीं सकीं।
राजेन्द्र का बड़ा बेटा इंजीनियर था और छोटे बच्चे डीपीएस में पढ़ते थे। राजेंद्र गुप्ता का बड़ा बेटा नवनेंद्र बेंगलुरु में मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर है। वह दिवाली पर छुट्टी लेकर घर आया था। उनके यहां छठ मनाने की तैयारियां चल रही थीं। बेटे ने छठ के बाद ही ड्यूटी पर जाने के लिए वापसी के लिए टिकट कराया था। छोटा बेटा और बेटी डीपीएस में पढ़ते ।

जब तड़के गोली चली, लोगों को लगा पटाखे छूट रहे हैं। राजेंद्र ने मंगलवार तड़के करीब 4 बजे अंधाधुंध फायरिंग कर चारों की हत्या की। आधी रात जब गोली की तड़तड़ाहट सुनाई दी तो किराएदारों और आसपास के लोगों को लगा कि दिवाली के पटाखे फूट रहे हैं। इसलिए किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सुबह जब सफाई करने वाली पहुंची तो आवाज दिया। किसी का जवाब नहीं मिलने पर उसने दरवाजा खटखटाया। हल्के से धक्के में दरवाजा खुल गया। देखा तो कमरे में 4 लोगों की लाश पड़ी है। आसपास खून बिखरा था।
पहले भी हत्या के आरोप लगे
बघटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर भेलूपुर इंस्पेक्टर समेत अन्य लोग पहुंच गए हैं। फॉरेंसिक टीम भी अब मौके पर है। पुलिस पूरी घटना को ध्यान में रखते हुए जांच पड़ताल में जुट गई है। फिलहाल पुलिस राजेंद्र के मोबाइल को ट्रेस कराने की कोशिश कर रही है और तलाश कर रही है। आस पड़ोस के लोगों ने बताया कि इसके पहले भी राजेंद्र गुप्ता कई हत्याओं को अंजाम दे चुका है। पहले वह छोटे भाई उसकी पत्नी और अपने पिता की हत्या के आरोप में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद घर वापस आया था।