कथावाचक Pandit Dhirendra Shastri ने कहा कि हमारे यहां चाय से ज्यादा केतली गर्म हो रही है,कई सेवादार कितनी गिरी हरकत करते हैं, खुद बाबा ने खोली पोल

203

कथावाचक Pandit Dhirendra Shastri ने कहा कि हमारे यहां चाय से ज्यादा केतली गर्म हो रही है,कई सेवादार कितनी गिरी हरकत करते हैं, खुद बाबा ने खोली पोल

कथावाचक और बागेश्वर धाम के मुख्य पीठाधीश्वर अक्सर अपने बयानों के कारण सुर्खियों में बने रहते हैं। उन्होंने बागेश्वर धाम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ सेवादारों का भाषा और व्यवहार बहुत घटिया है। ये लोग भक्तों से ऐसे पेश आते हैं, जैसे किसी सैन्य व्यवस्था में खड़े हों। उन्होंने सेवादारों पर तंज कसते हुए कहा कि चाय से ज्यादा गर्म केतली हो रही है। पीठ पीछे ये खुद को ही गुरु समझने लगे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनके चेले उनसे सादगी नहीं सीख पा रहे हैं। इनकी नजर सेवा पर नहीं हमारे भौकाल पर रहती है। इन्हें लगता है कि पीएम और मुख्यमंत्रियों, एक्टर-एक्ट्रेस से डायरेक्टर कनेक्शन है, इसलिए भौकाल है। सेवादारों को सेवा से नहीं, बल्कि गुरु के भौकाल से मतलब है। हमारे चेले हमसे ही नहीं सीख पा रहे हैं।

‘लौंडियाबाजी के चक्कर में बने सेवादार’- धीरेंद्र शास्त्री

सेवादारों को फटकारते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कई लोग सेवा की भावना से नहीं, बल्कि अन्य कारणों से जुड़े हुए हैं। आधे से ज्यादा सेवादार इसलिए बन गए, क्योंकि यहां ज्यादा माल-पानी है। कुछ लौंडे यहां लौंडियाबाजी के चक्कर में चेले बन गए। धाम में बालाजी की वजह से बच्चे-बच्चियां खिंचे चले आते हैं।

बागेश्वर बाबा ने चेलों को आगाह करते हुए कहा कि हमें सबकी सच्चाई पता है। जो लोग हमारे नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका सच भी सामने आ सकता है। चेलों की स्थिति बड़ी विचित्र हो गई है। हमसे मिले नहीं और सेवादार बन गए। आधे से ज्यादा सेवादार मेरे नाम से बन गए। हम दूसरों का पर्चा खोलते हैं, तो तुम्हारा पर्चा भी खोल देंगे।