
Passengers Face Hassles : सुविधा मिलेगी पर अभी कर रहें यात्रीगण दुविधाओं से सामना, सडक निर्माण कार्य जारी पर क्षेत्रीय रहवासी परेशान!
राजेश सोनी की रिपोर्ट!
Jhabua : रतलाम से बामनिया थांदला मेघनगर होकर फूलमाल चौराहा, (इन्दौर अहमदाबाद हाईवे) तक एमपीआरडीसी के अधीन करीब 100 किलोमीटर से अधिक दूरी की सवा चार सौ करोड़ से अधिक की लागत से 10 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण का कार्य जारी है। रतलाम से लेकर (झाबुआ ) फूलमाल चौराहे तक के क्षेत्रवासियों के लिए यह मार्ग वर्षों से बेहद असुविधाजनक रहा है,किन्तु अब उम्मीद जगी है कि लम्बे समय बाद अब बेहतर सडक के रूप में आवागमन की सुविधा मिलने लगेगी। लेकिन सडक निर्माण कार्य आरंभ होने के बाद से इस समूचे मार्ग में आमजन को होने वाले असुविधा को लेकर कई मामले सामने आ रहें है। जबकि निर्माण कम्पनी के वाशिंदों पर विभाग की कोई नजर भी नहीं दिखाई दे रही है इसलिए समूचे निर्माण मार्ग पर आमजनों को कई तरह की परेशानी उठाने पर मजबूर होना पड रहा है।
सुविधा मिलेगी पर अभी हों रहा दुविधा से सामना!
जिले के मेघनगर में वर्तमान में सडक निर्माण जारी है जहां से 8 लेन (एक्सप्रेस हाइवे )से इस क्षेत्र में आवाजाही के अलावा भी यातायात का भारी दबाव इस मार्ग पर रहता है, किन्तु हालात यह है कि यहां सडक निर्माण के दौरान शहरी एवं ग्रामीण रिहायशी क्षेत्र में निर्माण एजेंसी द्वारा खुदाई किए गए स्थान पर नियमित पानी का छिड़काव नहीं करने से दिन-भर धूल के गुबार उड़ते रहते है, जिससे मार्ग के आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा हैं। मेघनगर झाबुआ मार्ग पर दोनों ओर बन रही सडक पर ना तो संकेतक लगाए और ना ही मार्ग बदलने या एकल मार्ग पर डायर्वसन के बोर्ड लगाए गए है। जिला मुख्यालय पहुंचने वाले इस मार्ग पर यातायात का दबाव अधिकतम रहता है, सडक निर्माण के कारण यहां बार-बार जाम की स्थिति बनी रहती हैं।

इसी तरह खवासा बामनिया के बीच सातेर घाटी पर सड़क निर्माण रोक दिया गया है, जहां से भविष्य में बामनिया के बायपास का निर्धारण होना संभावित है, किन्तु इस स्थान पर सातेर घाटी तक बने रोड़ के बाद पुराने रोड के बीच 90 डिग्री का एंगल बन गया है जो वाहन चालकों के लिए हर समय अनचाहे हादसे को न्यौता दिखाई दे रहा है। ठीक इसी तरह बामनिया से छायन पश्चिम के बीच लाडकी नदी पर घाट कटिंग को लेकर विगत करीब 2 से अधिक महिनों से कच्चा, असमतल एवं संभावित दुर्घटना का डायवर्सन मार्ग बनाया गया है जिस पर से येन-केन जोखिम उठाकर वाहन आवाजाही कर रहे है, जहां आने वाले और दो से चार महिनों तक मार्ग निर्माण की संभावना नहीं दिखाई दे रही है।

नाली निर्माण में भी गुणवत्ता का अभाव!
मेघनगर क्षेत्र में नाली निर्माण में यह हाल है कि सडक के दोनों और बनाए जा रहे ड्रेनेज सिस्टम के हालात निर्माण पूर्ण होने के पूर्व ही अपनी गुणवत्ता का बयां कर रहें है। बिना उपयोग के ही कई स्थानों पर नालियों में से गिट्टियां निकलने लगी है। तो कुछ स्थानों पर तो निर्माण ही टूटता दिखाई दे रहा है। मेघनगर में तो कुछ स्थानों पर निर्माण एजेंसी ने सीधे की बजाय टेडी मेली नालियां बना दी है। पानी की कमी के कारण निर्माण भी कमजोर दिखाई दे रहा है।
शिकायत का कोई असर नहीं!
मेघनगर के सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र सोनगरा बताते है कि ऐसा नहीं कि निर्माण के दौरान धूल मिटटी को उडने से रोकने की व्यवस्था, ट्रेफिक जाम से निजात पाने का प्लॉन, या सुरक्षा संबंधी व्यवस्था की जानकारी एमपीआरडीसी विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को नहीं है। विभागीय अधिकारियों को भी समस्या विभिन्न माध्यमों से पहुंचने के बाद भी इसका कोई उचित हल नहीं किया जा रहा है।
यहां भी उठा रहें परेशानी!
बामनिया-करवड-रानीसिंग-रतलाम मार्ग पर वर्तमान में मार्ग की हालत कई स्थानों पर बेहद जर्जर है किन्तु क्षेत्रवासियों को इस मुख्य मार्ग पर परेशानी उठाकर मजबूरन आवाजाही करना पड रही हैं। इस मार्ग पर कई स्थानों पर गडडे और असमतल मार्ग की स्थिति बनी हुई है, जिसे नए निर्माण के पूर्व निर्माण एजेंसी द्वारा आमजन के लिए बेहतर बनाने के प्रयास नहीं किए जा रहे है!





