सिंहस्‍थ 2028: मेला अधिकारी-संभागीय कमिश्नर आशीष सिंह ने दिए पेशवाई मार्ग के अंधे मोड़ को सीधा करने के निर्देश

358

सिंहस्‍थ 2028: मेला अधिकारी-संभागीय कमिश्नर आशीष सिंह ने दिए पेशवाई मार्ग के अंधे मोड़ को सीधा करने के निर्देश

संभागीय कमिश्नर ने कलेक्टर के साथ किया शैव अखाड़ों के पेशवाई मार्ग का निरीक्षण

उज्जैन से सुदर्शन सोनी की रिपोर्ट

उज्जैन। सिंहस्‍थ 2028: मेला अधिकारी-संभागीय कमिश्नर आशीष सिंह ने उज्जैन में चल रहे कार्यों के निरीक्षण के दौरान पेशवाई मार्ग के अंधे मोड़ को सीधा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।

संभागीय कमिश्नर ने कलेक्टर के साथ किया शैव अखाड़ों की पेशवाई मार्ग का निरीक्षण किया।

उज्जैन में शैव अखाड़ों का मुख्य पड़ाव स्थल नीलगंगा क्षेत्र में स्थित है। नीलगंगा स्थित अखाड़े से से ही सभी अखाड़े पेशवाई के रूप में सिंहस्थ मेला क्षेत्र के अपने–अपने शिविर स्थलो की ओर प्रस्थान करते है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के स्थानीय प्रबंधक डॉ. गोविंद सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह तथा कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने नीलगंगा चौराहा पहुंच पेशवाई मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान संभागायुक्त श्री सिंह ने पेशवाई मार्ग में की जाने वाली व्यवस्थाओं आदि की जानकारी ली।

WhatsApp Image 2026 05 06 at 10.10.44 1

संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह को बताया गया कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान नीलगंगा पड़ाव स्थल से ही शैव तथा उदासीन अखाड़ों की पेशवाई प्रारंभ होती है जिनमें प्रमुख रूप से श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंच दशनाम आव्हान अखाड़ा, श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, श्री पंचायती अटल अखाड़ा, श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा, श्री पंचायती आनंद अखाड़ा और श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा की पेशवाई नीलगंगा से प्रारंभ होकर तीन बत्ती चौराहा, टावर चौक, फ्रीगंज ब्रिज से अग्नि अखाड़ा देवासगेट होकर निकलती है। अधिकारियों ने पेशवाई मार्ग में आने वाले अतिक्रमण हटाने और अन्य उचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए है।

उल्लेखनीय है कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान सभी 13 अखाड़ों की शाही पेशवाई का अपना एक अलग ही उत्साह और आनंद रहता है। शैव संप्रदाय के जो अखाड़े हैं,उनमें प्रमुख रूप से श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा, श्री पंचदशनाम आव्हान अखाड़ा, श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, श्री पंचायती अटल, अखाड़ा श्री पंचायती आनंद अखाड़ा और श्री पंच अग्नि अखाड़ा प्रमुख है। जिनकी पेशवाई क्रमशः नीलगंगा से प्रारंभ होकर फ्रीगंज होते हुए अपने-अपने मेला क्षेत्र के शिविर स्थलो में प्रवेश करती है।

श्री पंच अग्नि अखाड़े की पेशवाई देवास गेट स्थित अग्नि अखाड़े से प्रारंभ होकर देवास गेट बस स्टैंड मालीपुरा होते हुए मेला क्षेत्र में प्रवेश करेगी, वहीं उदासीन संप्रदाय के दो अखाड़े है जिसमें प्रमुख है। श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा और से पंचायती नया उदासीन अखाड़ा, इसमें श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े की शाही पेशवाई अलख धाम नगर स्थित अलख मैहर धाम से प्रारंभ होकर मेला क्षेत्र में प्रवेश करती है। वहीं श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा की पेशवाई नीलगंगा पड़ाव स्थल से प्रारंभ होकर फ्रीगंज होते हुए मेला क्षेत्र में प्रवेश करती है, श्री पंच निर्मल अखाड़े की शाही पेशवाई फ्रीगंज गुरुद्वारे से प्रारंभ होते हुए टॉवर क्षेत्र से होकर मेला क्षेत्र में प्रवेश करती है।

उल्लेखनीय है कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान पेशवाई देखने के लिए देश दुनिया के करोड़ों श्रद्धालु पेशवाई मार्ग पर मौजूद रहते है वहीं स्थानीय लोगों द्वारा देशभर से आए संत महात्माओं की पेशवाई का पुष्प वर्षा एवं स्वागत सत्कार किया जाता हैं। इसी कड़ी में सिंहस्थ 2028 में निकलने वाली पेशवाई मार्गो का निरीक्षण करने आज मेला अधिकारी और कलेक्टर पेशवाई मार्ग पर निकले और पेशवाई मार्ग की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा तथा सुरक्षा एवं सुविधाओं के दृष्टिगत व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं।