WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home मीडियावाला ख़ास

Successful Rescue Operation: 25 मिनट तक मौत से जंग… फिर फरिश्ते बनकर उतरे ग्रामीण, चकनाचूर केबिन से चालक को जिंदा निकाला

बस-पिकअप की आमने-सामने भिड़ंत में स्टीयरिंग के बीच बुरी तरह फंसा था चालक; चार असफल प्रयासों के बाद ट्रैक्टर, चेन और ग्रामीणों की सूझबूझ से सफल हुआ रेस्क्यू आपरेशन 

38

Successful Rescue Operation: 25 मिनट तक मौत से जंग… फिर फरिश्ते बनकर उतरे ग्रामीण, चकनाचूर केबिन से चालक को जिंदा निकाला

अमझेरा से गोपाल खंडेलवाल की विशेष रिपोर्ट 

अमझेरा (धार) मंगलवार की देर शाम धार जिले के अमझेरा में अमका-झमका तीर्थ के समीप मागोद-मनावर स्टेट हाईवे पर एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में गांव के लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं होते। यात्री बस और पिकअप वाहन की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। केबिन इस कदर दब गया कि चालक स्टीयरिंग और लोहे के ढांचे के बीच बुरी तरह फंस गया।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल चालक दर्द से कराहते हुए लोगों से बाहर निकालने की गुहार लगा रहा था। हर गुजरते मिनट के साथ खतरा बढ़ रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने किसी राहत दल या मशीनरी का इंतजार नहीं किया। उन्होंने खुद मोर्चा संभाल लिया।

IMG 20260623 WA0152

*जब हर मिनट भारी था… शुरू हुआ जिंदगी बचाने का अभियान*

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना इतनी भीषण थी कि चालक तक पहुंचना भी आसान नहीं था। केबिन पूरी तरह मुड़ चुका था और जरा सी चूक उसकी जान पर भारी पड़ सकती थी। पहले ग्रामीणों ने हाथों से मुड़े हुए हिस्से को हटाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

इसके बाद आसपास से चेन और अन्य संसाधन जुटाए गए। एक बार फिर कोशिश हुई, मगर चालक को सुरक्षित निकालने लायक जगह नहीं बन सकी। समय बीत रहा था और चालक की बेचैनी बढ़ रही थी।

*”चार बार नाकाम हुए, लेकिन हिम्मत नहीं हारी”*

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी कमलेश राठौर ,बलराम दरबार,कमल भाई ,सुनील राठौर ने बताया कि ग्रामीणों ने लगातार चार अलग-अलग प्रयास किए। आखिरकार एक ट्रैक्टर बुलाया गया और चेन की मदद से दबे हुए केबिन को सावधानीपूर्वक खींचा गया। जैसे ही लोहे का हिस्सा थोड़ा खुला, ग्रामीणों ने मिलकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

करीब 25 मिनट तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जब चालक बाहर निकला तो वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। हादसे के दौरान बस में सवार यात्रियों को भी कोई गंभीर चोट नहीं आई।

*मौके पर पुलिस, लेकिन चर्चा ग्रामीणों के साहस की*

घटना के दौरान अमझेरा पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। हालांकि पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा उन ग्रामीणों की रही जिन्होंने बिना किसी प्रशिक्षण और संसाधनों के केवल सूझबूझ, साहस और सामूहिक प्रयास से एक व्यक्ति की जान बचा ली।

हाईवे पर मौजूद लोगों का कहना था कि यदि ग्रामीण तुरंत पहल नहीं करते तो चालक की हालत और गंभीर हो सकती थी। हादसे के बाद क्षेत्र में ग्रामीणों के इस मानवीय प्रयास की जमकर सराहना हो रही है।