
The Voice of the City Falls Silent : जिंदा दिल पत्रकार हो गया लाचार-बेबस, बीमारी की मार ने ऐसा जकड़ा कि कर दिया खामोश!
वक्त के वार ने कर दिया लाचार, जो कभी शहर की बुलंद आवाज था, आज हैं खामोशी का शिकार!
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Ratlam : दोस्तों जब वक्त मेहरबान होता हैं तो इंसान को सर आंखों पर बिठा देता हैं और जब अंगड़ाइयां लेता हैं तो वही शख्स जमीन पर ऐसा गिरता हैं कि उसका संभालना मुश्किल हो जाता हैं। रतलाम के एक पत्रकार आज के इस दौर में बेरहम वक्त की मार झेल रहें हैं हां हम बात कर रहें हैं जाने-माने ईमानदार और जांबाज वरिष्ठ पत्रकार तथा रतलाम प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष उमेश मिश्रा की।
जो आज बिस्तर पर निढाल पड़े हैं खामोश हैं, चेहरे की वह चमक, वह वह रोब जिसे वक्त के हालात ने छीन लिए, आज के समय में वह केवल सांसें ले रहे हैं। 60 वर्षीय उमेश मिश्रा की जिंदगी में 29 नवंबर 2021 के दिन ऐसा टर्न आया जिसने उनसे सब कुछ छीन लिया। एक ब्रेन स्ट्रोक ने जिस्म के आधे हिस्से को बेकार कर दिया और उस दिन से बिस्तर ही उनकी दुनिया बन गया। 40 वर्ष की उनकी काबिलियत जो कभी उनकी पहचान उनका जुनून, उनकी ताकत थी आज मजबूरी बनकर पीछे छूट गई।
आज उमेश मिश्रा बोल नहीं सकते हैं मगर पहचानते सबको हैं और यही बात दिल को सबसे ज्यादा चुभती है। उमेश मिश्रा के कोई संतान नहीं है और इस मुश्किल दौर में उनकी हमदम धर्मपत्नी नीना पूरे समय सब्र और मोहब्बत के साथ उनके साथ निभा रही हैं और कुदरत के कहर से हमदर्दी से सामना करते हुए अपने पत्नी दर्म को पूरा कर रही हैं।

उनकी जिंदगी में आज ऐसा मोड़ आ गया जो बड़ा ही वेदना भरा है जो सख्श किसी की मित्र, रिश्तेदार या अन्य को किसी भी तरह की तकलीफ हो तो सबसे पहले पहुंचने वाले में रहते थे। उमेश ने पत्रकारिता की शुरुआत 40 वर्ष पहले रतलाम से की थी जो शुरुआत में दैनिक भास्कर और नवभारत के संवाददाता रहें। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंशीलाल गांधी के दैनिक समाचार पत्र आलोकन में सिटी चीफ बनकर ऐसी-ऐसी खबरें प्रकाशित की जिससे शहर के हलचल मच गई। उसके बाद में कैबिनेट मिनिस्टर चेतन कश्यप के समाचारपत्र दैनिक चेतना में फ्रंट पेज की जिम्मेदारी संभाली।
मिश्रा सन 80 के दशक से लेकर 2021 तक रतलाम की धड़कन बने रहें। पीड़ित अपनी समस्याओं को लेकर उनके पास जाते और उनकी समस्याओं पर उमेश खबर बनाकर सिस्टम को हिला देते। वह दौर भी क्या दौर था जब रतलाम ही नहीं प्रदेश-भर में मंत्री से लेकर संत्री तक हर कोई पहचानता था इन्हें। नगर पालिका, कोई भी विभाग हो या कोई भी थाना बस नाम ही काफी था।
इसी का परिणाम था कि 2 दो बार रतलाम प्रेस क्लब के President और 3 बार वह Secretary रहे। शहर के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय DRM के सामने जनता होटल, कलेक्ट्रेट का पत्रकार कॉर्नर, प्रेस क्लब हर जगह उनकी महफिल जमी रहती अपनी मोटरसाइकिल से शहर भर में राउंड लगाकर शहर में खामियां कमियां को लेकर खबरें प्रकाशित करना उनकी आदत में शुमार था। शहर के कई बड़े आयोजनों में बतौर चीफ गेस्ट बुलाए जाते।
पत्रकार साथियों में भी गजब की यारी!
सुधीर जैन, दिव्यराज सिंह राठौड़, आरिफ कुरैशी, अजय तिवारी, दिलीप पाटनी, राजेश जैन, प्रकाश उपाध्याय, तुषार कोठारी, श्रेणिक बाफना, नीरज शुक्ला, राजेश मीणा, साजिद खान सबके साथ उम्दा ताल्लुकात रहें। मगर आज वही शख्स प्रताप नगर के अपने घर में एक छोटे से कमरे में सिमट गए हैं न चल सकते हैं ना खुद से उठ सकते हैं। कभी मजबूत कद-काठी वाला जिस्म अब हड्डियों का ढांचा बनता जा रहा है। जो कभी अपने सवालों से सरकारों को हिला देता था आज एक लफ्ज बोलने को मोहताज है। छत को तांकती निगाहें उठाने की चाह मगर जिस्म बेबस.. जुबान कुछ कहना चाहती है मगर लफ्ज भीतर ही घुट जाते हैं।
कभी महफिलों की रौनक रहा यह पत्रकार आज तन्हाई में खो गया है। वो खबर की दौड़, वह अफसरों से टकराव अब यादों में कैद हो गया हैं। हां कभी कोई पुराना दोस्त मिलने आ जाए तो चेहरे पर हल्की सी रोशनी लौट आती हैं उनके भाई वरिष्ठ पत्रकार रमेश मिश्रा (चंचल) हर मोर्चे से उनके साथ खड़े हैं। अगले महीने उमेश मिश्रा 60 बरस के हो जाएंगे।
अगर सरकार के जनसंपर्क महकमे से मिलने वाली सीनियर जर्नलिस्ट की श्रद्धांनिधि इन्हें मिल जाए तो दवाइयों और अन्य खर्चों में इन्हें बड़ी राहत मिल सकती है। उम्मीद हैं कि हमारे संवेदनशील सीपीआर मनीष सिंह साहब इस तरफ जरूर गौर फरमाएंगे। क्योंकि यह सिर्फ एक शख्स की कहानी नहीं है। यह वक्त की वह दास्तान हैं जो कल किसी और साथी के साथ भी घटित हो सकती है। भगवान से प्रार्थना है, विनती है, अरदास हैं कि उमेश को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर चलता-फिरता कर दें!
जनसंपर्क आयुक्त मनीष सिंह तथा अन्य को जारी मिश्रा की धर्मपत्नी का लेटर!
श्री मनीष सिंह जी,
आयुक्त
जनसंपर्क संचालनालय
मध्य प्रदेश शासन
भोपाल,
विषय : वरिष्ठ पत्रकार श्री उमेश मिश्र पिता स्व श्री सी एम मिश्र ,निवासी 90 मंगलम अपार्टमेंट, प्रताप नगर, रतलाम 457001 को गंभीर बीमारी , परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सम्मान निधि स्वीकृति प्रदान करने हेतु।
महोदय,
उपरोक्त विषयांतर्गत आपके संज्ञान में ला रहा हूं कि दो टर्म रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष रहे वरिष्ठ पत्रकार श्री उमेश मिश्र विगत 28 नवंबर 2021 से ब्रेन हैमरेज और लकवा ग्रस्त हो कर बिस्तर पर ही है। उनके उचित उपचार के लिए राज्य सरकार द्वारा बुजुर्ग वरिष्ठ पत्रकार को प्रकरण विशेष मानते हुए सारी औपचारिकता पूरी करने के लिए जिला जनसंपर्क अधिकारी को दिशा निर्देश जारी करने की आवश्यकता है। अतः कृपया आप संज्ञान में लेकर अविलंब उक्त आदेश प्रकरण विशेष मानते हुए पूर्व में पत्रकार साथी श्री सुनील तिवारी और श्री नरेंद्र कुलश्रेष्ठ की तरह नियमों में शिथिलता बरतते हर दिशा निर्देश जारी करने की कृपा करें।
प्रतिलिपि : 1.कलेक्टर महोदया, रतलाम
भवदीय
श्रीमती नीना मिश्र पत्नी श्री उमेश मिश्र 90, मंगलम अपार्टमेंट प्रताप नगर रतलाम 457001.





