जादू-टोने के आरोप को लेकर बवाल, युवक की आत्महत्या के बाद ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम, पुलिसकर्मियों से मारपीट

85

जादू-टोने के आरोप को लेकर बवाल, युवक की आत्महत्या के बाद ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम, पुलिसकर्मियों से मारपीट

खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के दामखेड़ा गांव में सोमवार को एक आदिवासी युवक की कथित आत्महत्या के बाद तनाव की स्थिति बन गई। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने गांव के एक व्यक्ति पर जादू-टोना करने का आरोप लगाते हुए पुलिस कार्रवाई की मांग की। विरोध में ग्रामीणों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और घंटों तक चित्तौड़गढ़-भुसावल राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम किया।

IMG 20260602 WA0002

निमाड़ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि 21 वर्षीय अर्जुन सोमवार सुबह अपने घर से लगी दुकान में फांसी के फंदे पर लटका मिला। उसके छोटे भाई अरुण ने भी इसी वर्ष 11 फरवरी को अपनी ऑटो पार्ट्स की दुकान में आत्महत्या की थी।

IMG 20260602 WA0001

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के निवासी रमेश ने अरुण पर जादू-टोना किया था, जिसके कारण उसकी मौत हुई। उनका कहना है कि उस समय भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अरुण की मृत्यु के बाद उसकी ऑटो पार्ट्स की दुकान में आग लग गई थी, और अब उसी तरह के कथित जादू-टोने के कारण अर्जुन ने भी आत्महत्या कर ली।

जब चैनपुर थाना प्रभारी गेहलोद सेमलिया कानूनी कार्रवाई और पंचनामा करने गांव पहुंचे तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनका विरोध कियाऔर उन्होंने शव को फंदे से नहीं उतारने दिया l स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब महिलाओं के एक समूह ने एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट कर दी, जिससे वह जान बचाकर वहां से भाग गया।

ग्रामीणों ने थाना प्रभारी गहलोद सेमलिया को भी घेर लिया। बाद में कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें सुरक्षित निकालकर एक मकान में पहुंचाया, जहां वे लगभग चार घंटे तक बंधक की तरह रहे। डीआईजी के अनुसार थाना प्रभारी ने उसी सुरक्षित स्थान से पंचनामा और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं तथा वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डीआरपी लाइन खरगोन तथा बड़वाह, सनावद, गोगावां, बिस्टान और भीकनगांव थानों से अतिरिक्त पुलिस बल गांव भेजा गया। कई घंटे की समझाइश के बाद सोमवार शाम ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

खरगोन की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शकुंतला रुहल ने बताया कि 11 फरवरी को अरुण की आत्महत्या के बाद एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने कहा था कि वह जीवन में कुछ हासिल नहीं कर पाने की भावना के कारण यह कदम उठा रहा है।

उन्होंने बताया कि अर्जुन के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद सोमवार शाम कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच उसका अंतिम संस्कार कराया गया। एएसपी के अनुसार गांव की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, हालांकि एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

डीआईजी बहुगुणा ने कहा कि केवल जादू-टोने के आरोप किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं, फिर भी मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।