नौतपा के रेड अलर्ट के बीच 6ठें और 7वें चरण के लोकसभा चुनाव क्या गुल खिलाएंगे?

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नौतपा के रेड अलर्ट के बीच 6ठें और 7वें चरण के लोकसभा चुनाव क्या गुल खिलाएंगे?

गोपेन्द्र नाथ भट्ट की रिपोर्ट 

मौसम विभाग द्वारा भीषण गर्मी और रोज बढ़ रहें तापमान एवं नौतपा के रेड अलर्ट की घोषणा के मध्य 18 वीं लोकसभा चुनाव के लिए शेष दो चरणों का चुनावी तापमान भी अपने चरमोत्कर्ष पर हैं। लोकसभा के छठे चरण के चुनाव प्रचार अभियान का गुरुवार को सायं समापन हो गया। अब उम्मीदवार घर घर जाकर मतदाताओं से जन संपर्क कर सकेंगे।

इस चरण में 7 राज्यों एवं एक केन्द्र-शासित प्रदेश के 909 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। इन प्रदेशों में शनिवार को मतदान होगा। जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग-राजौरी संसदीय क्षेत्र में स्थगित हुए चुनाव के लिए भी शनिवार को ही वोट डाले जाएंगे।

छठे चरण में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सभी सात और हरियाणा की सभी दस लोकसभा सीटों के साथ ही उत्तर प्रदेश की 14, बिहार और पश्चिम बंगाल की 8-8,ओडिशा की 6 और झारखंड की 4 लोकसभा सीटों पर भी चुनाव होंगे। छठे चरण के लिए एक संसदीय क्षेत्र में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की औसत संख्या 15 है।

गुरुवार को इन प्रदेशों में चुनाव प्रचार अपने चरमोत्कर्ष पर रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा और पंजाब में तूफानी दौरे किए। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का फोकस पश्चिम बंगाल रहा। राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली में गुरुवार को चुनावी सभाएं और रोड शो अपने पूरे परवान पर रहें। देश में प्रवासी राजस्थानियों और प्रभावशाली मारवाड़ियों को साधने के कार्य में लगाए गए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी गुरुवार को उत्तर पश्चिम दिल्ली के भाजपा प्रत्याक्षी योगेंद्र चंदोलिया के पक्ष में रोड शो किया। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि दिल्ली की प्रचण्ड धूप में इतनी बड़ी संख्या में लोग बड़े उत्साह तथा उमंग के साथ अपना समर्थन देने आए हैं, जो यह दर्शाता है कि दिल्ली में 7 में से 7 सीटें भारतीय जनता पार्टी बहुत बड़े मार्जिन के साथ जीतेगी।शर्मा ने रोड शो के दौरान भाजपा प्रत्याशी योगेंद्र चंदोलिया को अधिक से अधिक मतों से विजयी बनाने की अपील की। भजन लाल शर्मा ने गुरुवार को ही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के भी चुनाव अभियान के अंतर्गत एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य भाजपा नेताओं की जन सभाएं हुई। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी दिल्ली वासियों के नाम एक संदेश जारी कर लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस और इंडी गठबंधन के उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की।साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तर पूर्वी दिल्ली के फायर ब्रांड कांग्रेस उम्मीदवार कन्हैया लाल के समर्थन में इंडी गठबंधन के साथ एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। उत्तर पूर्वी दिल्ली की यह सीट दिल्ली की सबसे हॉट सीट बन गई है। इस सीट पर बिहार मूल के दो लाल चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। भाजपा ने यहां से लगातार दो बार से चुनाव जीत रहें सांसद मनोज तिवारी को फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है। कांटे की इस टक्कर में यदि मनोज तिवारी चुनाव निकाल ले जाते है तो यहां उनके जीत की हैट्रिक लग जाएगी अन्यथा इस रोमांचक मुकाबले में जेएनयू कैंपस से चर्चित हुए कन्हैया लाल की लॉटरी लग सकती है। वैसे तो राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली की सातों सीटें महत्वपूर्ण है जहां भाजपा सभी सातों सीटों और इंडी गठबंधन से समझौते के तहत कांग्रेस तीन सीटों और अरविंद केजरीवाल की आप पार्टी चार सीटों पर चुनाव मैदान में है। उत्तर पूर्वी दिल्ली के साथ ही दो और सीटें नई दिल्ली तथा चांदनी चौक बहुत अधिक चर्चा में हैं। भाजपा ने दिल्ली में अपने सात निवर्तमान सांसदों में से मनोज तिवारी को छोड़ कर चांदनी चौक से पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और नई दिल्ली से दो बार की सांसद रही एवं केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी सहित छह सांसदों के टिकट काट कर नए चेहरों पर दांव खेला है।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत साहिब सिंह के सांसद पुत्र प्रवेश वर्मा का टिकट भी काट दिया है। नई दिल्ली के पॉश इलाके में भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज की पुत्री बांसुरी स्वराज को टिकट देकर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है। इस निर्वाचन क्षेत्र में नई दिल्ली सहित 10 विधानसभा सीटें शामिल हैं, जहां से आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल गए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विधायक हैं। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने 2014 और 2019 के चुनाव में आप के आशीष खेतान और कांग्रेस के अजय माकन को हराकर इस सीट से जीत हासिल की थी। हालांकि, इस बार भाजपा ने बांसुरी स्वराज को मैदान में उतारा है जिनका मुकाबला आम आदमी पार्टी के तीन बार के विधायक सोमनाथ भारती से होगा। इसी प्रकार चांदनी चौक सीट पर डॉ हर्षवर्धन के स्थान पर व्यापारियों के नेता प्रवीण खंडेलवाल पुराने कांग्रेस दिग्गज जे पी अग्रवाल के सामने अपना दमखम दिखा रहें हैं। दिल्ली की अन्य सीटों में उत्तर पश्चिम सीट पर भाजपा ने नॉर्थ एमसीडी के पूर्व मेयर योगेंद्र चंदोलिया को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने दलित नेता उदित राज को अपना उम्मीदवार बनाया है।

पूर्वी दिल्ली सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम के पूर्व मेयर हर्ष मल्होत्रा को अपना उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से मशहूर क्रिकेटर गौतम गंभीर ने यहां से जीत दर्ज की थी। हर्ष मल्होत्रा का मुकाबला आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कुलदीप कुमार से होगा। उधर दक्षिणी दिल्ली सीट पर 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के निवर्तमान सांसद रमेश बिधूड़ी, कांग्रेस प्रत्याशी विजेंदर सिंह और आप के राघव चड्ढा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला था। इस बार भाजपा ने दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी को मैदान में उतारा है। भाजपा नेता का मुकाबला तुगलकाबाद निर्वाचन क्षेत्र से विधायक और आम आदमी पार्टी के सहीराम पहलवान से होगा।

पश्चिमी दिल्ली से भाजपा ने अपने दो बार के सांसद प्रवेश वर्मा के स्थान पर इस सीट से दक्षिणी दिल्ली के पूर्व मेयर कमलजीत सहरावत को मैदान में उतारा है। सहरावत का मुकाबला आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी महाबल मिश्रा से होगा, जिन्होंने 2009 में कांग्रेस के प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की थी।

18 वीं लोकसभा के गठन के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देश में सात चरणों में चुनाव कराये जा रहे है जिनमें अब केवल दो चरणों के चुनाव होने बाकी है। इनमें छठे चरण का चुनाव 25 मई और सातवें एवं अंतिम चरण का चुनाव 1 जून को होगा और 4 जून को मतगणना होने के बाद चुनाव परिणाम घोषित होंगे। देश में लोकसभा की कुल 543 सीटें हैं। जिनमें 412 सामान्य सीटें हैं जबकि 84 अनुसूचित जाति एवं 47 अनूसूचित जनजातियों के लिए रिजर्व सीटें हैं । लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 102, दूसरे चरण में 89, तीसरे चरण में 94, चौथे चरण में 96 और पांचवें चरण में 49 लोकसभा सीटों पर मतदान हो चुका है। अब छठे चरण में 7 राज्यों की 57 और सातवें चरण में 8 प्रदेशों की 57 लोकसभा सीटों पर मतदान होना बाकी है। छठे चरण के बाद दो प्रदेशों दिल्ली एवं हरियाणा में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो जायेगी और इसके बाद सातवें और अंतिम चरण में एक जून को 8 प्रदेशों की 57 लोकसभा सीटों पर मतदान होने के साथ ही देश के सभी 36 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में लोकतंत्र का यह महापर्व सम्पन्न हो जाएगा।

इधर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी, उनके चाणक्य केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह,भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा,अन्य केंद्रीय मंत्री और नेताओं के साथ भाजपा के मुख्यमंत्री तथा एनडीए के नेतागण भी अंतिम चरण के चुनाव के लिए प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं । इसी तरह कांग्रेस के नेता सोनिया गांधी, मलिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, ममता बनर्जी और इंडी गठबंधन के अन्य नेता भी अपनी पूरी ताकत झोंक कर भाजपा और एनडीए दलों के प्रत्याशियों को हराने के लिए अपना पूरा दमखम लगा रहे है।

इधर आग उगल रहे सूरज की जबरदस्त तपन के मध्य तवे से भी अधिक गर्म हो रहें चुनाव प्रचार ने भी अपनी तेजी एवं गर्माहट पकड़ ली है। अब देखना है कि लोकसभा चुनाव के शेष दो चरणों में देश के मतदाता अपने वोटों से इस तपन को किस प्रकार शांत करते है और नौतपा के रेड अलर्ट की घोषणा के मध्य लोकसभा चुनाव के लिए छठे और सातवें चरण के चुनाव में मतदाता क्या गुल खिलाएंगे,यह देखना दिलचस्प होगा?