
राजस्थान से यूपी बॉर्डर तक IG रेंज अतिरिक्त प्रभार के भरोसे, 2 संवेदनशील पुलिस रेंज में नियमित IG नहीं
भोपाल: प्रदेश पुलिस की दो महत्वपूर्ण रेंज नियमित पुलिस महानिरीक्षक (IG) के बिना संचालित हो रही हैं। राजस्थान की सीमा से लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा तक फैले संवेदनशील इलाकों की कानून-व्यवस्था का जिम्मा अतिरिक्त प्रभार पर तैनात अधिकारियों के भरोसे है। भोपाल ग्रामीण रेंज और सागर रेंज में नियमित IG की नियुक्ति नहीं हुई है। दोनों रेंज का प्रभार दूसरे आईजी को अतिरिक्त जिम्मेदारी के रूप में सौंपा गया है। भोपाल ग्रामीण रेंज की सीमा मादक पदार्थ तस्करी अंतरराज्जीय अपराध और सागर रेंज की सीमा अवैध खनन, डकैतों जैसे अपराधों से प्रभावित रहती है।
भोपाल ग्रामीण रेंज के IG संजय तिवारी तीस जून को सेवानिवृत्त हुए हैं। इस रेंज का भौगोलिक दायरा राजस्थान की सीमा तक फैला हुआ है। इस रेंज में शामिल राजगढ़ जिला राजस्थान के झालावाड़ जिले से सटा हुआ है। अंतरराज्यीय अपराध, तस्करी और सीमावर्ती समन्वय के लिहाज से यह रेंज रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं सागर रेंज में पिछले तीन महीने से IG का काम अतिरिक्त प्रभार के रूप में देखा जा रहा है। सागर रेंज बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों को कवर करती है। इस रेंज में शामिल छतरपुर जिले की सीमा उत्तर प्रदेश के बांदा और महोबा जिलों से जुड़ती है। अवैध खनन, डकैतों के पुराने प्रभाव वाले इलाके, अंतरराज्यीय अपराध और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से यह रेंज भी बेहद संवेदनशील मानी जाती है।
गृह विभाग ने इन दोनों रेंजों में अब तक नियमित आईजी की पदस्थापना नहीं की है। ऐसे में अतिरिक्त प्रभार व्यवस्था से प्रशासनिक निर्णयों की गति, जिलों की नियमित समीक्षा और फील्ड मॉनिटरिंग पर असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। जबकि प्रदेश में आईजी रेंक के अफसरों को पुलिस मुख्यालय में पदस्थ कर रखा गया है।





