100 साल पुराने चांदी के धार्मिक आभूषण कचरे के ढेर से मिले, मंदिर में खुशी की लहर  

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100 साल पुराने चांदी के धार्मिक आभूषण कचरे के ढेर से मिले, मंदिर में खुशी की लहर

खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन शहर के प्रसिद्ध वाकी माता मंदिर से करीब 10 दिन पहले लापता हुए 100 साल पुराने चांदी के महत्वपूर्ण धार्मिक आभूषण आखिरकार कचरे के ढेर से बरामद हो गए। इस हैरान करने वाली घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है।

जानकारी के मुताबिक, मंदिर में भगवान महाबलेश्वर के श्रृंगार में उपयोग होने वाली चांदी की नाग देव प्रतिमा और छत्र अचानक गायब हो गए थे। पुजारी ने इन्हें खोजने के लिए कई स्थानों पर प्रयास किए, यहां तक कि ट्रेंचिंग ग्राउंड तक भी पहुंचे, लेकिन सफलता नहीं मिली।

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शंका जताई गई कि नियमित सफाई के दौरान ये आभूषण फूल-मालाओं के साथ गलती से कचरे में चले गए और नगर पालिका की गाड़ियों के जरिए डाबरिया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंच गए।

नगर पालिका के सेनेटरी इंस्पेक्टर प्रकाश चित्त्ते के अनुसार, शहर के मंदिरों से रोजाना 4 से 5 क्विंटल तक फूल माला व अन्य धार्मिक सामग्री एकत्र कर ट्रेंचिंग ग्राउंड में डंप किया जाती है।

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पुजारी के आग्रह पर नगर पालिका ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीनों और मजदूरों की मदद से ट्रेंचिंग ग्राउंड में सर्च ऑपरेशन चलाया। काफी मशक्कत के बाद करीब 1 लाख रुपये मूल्य की चांदी की नाग देव प्रतिमा और छत्र को सुरक्षित बरामद कर मंदिर प्रबंधन को सौंप दिया गया।

मंदिर के पुजारी ने बताया कि ये दोनों आभूषण 100 साल से भी अधिक पुराने हैं और इनका विशेष धार्मिक महत्व है। हर साल निकलने वाली भव्य शिव डोला यात्रा में ये भगवान सिद्धनाथ की प्रतिमा के साथ प्रमुख स्थान पर शामिल होते हैं।

 

गहने मिलने के बाद मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोग काफी प्रसन्न है। हालांकि वे व्यवस्था में अतिरिक्त सावधानी बरतने की बात कह रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी चूक दोबारा न हो सके।